नासिक स्थित TCS यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और

TCS नासिक कांड में NCW की लगी मुहर; यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोप सही, रिपोर्ट महाराष्ट्र CM को सौंपी

TCS नासिक कांड में NCW की लगी मुहर; यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोप सही, रिपोर्ट महाराष्ट्र CM को सौंपी

नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की जांच समिति ने गंभीर निष्कर्ष सामने रखे हैं। 8 मई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई रिपोर्ट में समिति ने महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को सही ठहराया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जमीनी जांच में सामने आई सच्चाई

NCW द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति, जिसकी अगुवाई साधना जाधव ने की, ने 18 और 19 अप्रैल को नासिक में जाकर जांच की थी। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। जांच के दौरान समिति को कई ऐसे तथ्य मिले, जो कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

‘डर, खामोशी और टारगेटिंग’ का माहौल

रिपोर्ट के अनुसार, कार्यालय में भय और दबाव का ऐसा वातावरण था, जहां कुछ लोगों का वर्चस्व बना हुआ था। गिरफ्तार आरोपी दानिश, तौसीफ और रजा मेमन पर आरोप है कि वे कर्मचारियों पर दबाव बनाकर माहौल नियंत्रित करते थे। HR हेड अश्विनी चैनानी पर भी उन्हें संरक्षण देने का आरोप है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

समिति ने पाया कि युवा महिला कर्मचारी, खासकर Gen-Z वर्ग, को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उन्हें पीछा करना, डराना-धमकाना और अपमानजनक व्यवहार झेलना पड़ा, जिससे कई महिलाएं मानसिक तनाव का शिकार हुईं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

धार्मिक टिप्पणियों से बढ़ा उत्पीड़न

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ कर्मचारियों द्वारा हिंदू धर्म और परंपराओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। महिलाओं पर इस्लाम को श्रेष्ठ बताने का दबाव बनाया गया, जिससे कार्यस्थल का माहौल और अधिक असहज और शत्रुतापूर्ण हो गया।

POSH कानून के पालन में बड़ी चूक

समिति ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही पाई। CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे और POSH एक्ट, 2013 का सही पालन नहीं किया जा रहा था। एक ही आंतरिक समिति (IC) पुणे और नासिक दोनों इकाइयों के लिए काम कर रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है। कर्मचारियों को शिकायत तंत्र की जानकारी तक नहीं दी गई थी।

POSH 

सख्त कार्रवाई और सुधार की सिफारिश

NCW ने POSH एक्ट की धाराओं के सख्ती से पालन, प्रत्येक यूनिट में प्रभावी शिकायत तंत्र और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। साथ ही, पुलिस को गवाह संरक्षण योजना, 2018 लागू करने और भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।

आयोग ने TCS प्रबंधन से भी तत्काल कदम उठाने और महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने को कहा है।