Fake Royalty Scam Mahoba: महोबा जिले की कबरई क्रेशर मंडी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर फर्जी रॉयल्टी प्रपत्र तैयार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक शातिर युवक विजय सैनी, जिसने AI कोर्स किया था, ने अपने साथियों के साथ मिलकर खनिज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upmines.updsc.gov.in से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट www.upmines-upsdc.gov.ink बनाई और फर्जी ई-ट्रांजिट पास बेचकर सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया।
[caption id="attachment_102271" align="alignnone" width="427"] महोबा में फर्जी रॉयल्टी घोटाला[/caption]
तीन शातिर गिरफ्तार
पुलिस ने खनन कारोबारी रामकिशोर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कबरई थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान विजय सैनी, बिंदादीन कुशवाहा और विकास राजौलिया को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 1206 बिना प्रिंटेड खनिज परिवहन प्रपत्र, 11 जाली सिक्योरिटी पेपर, 1532 फर्जी रॉयल्टी, एक लैपटॉप, चार एंड्रॉयड मोबाइल, एक प्रिंटर और 1,10,000 रुपये नकद बरामद हुए। लैपटॉप में 10,000 से अधिक फोल्डर मिले, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
फर्जी वेबसाइट और AI की मदद से ठगी
जालसाजों ने AI तकनीक का उपयोग कर खनिज विभाग की वेबसाइट का क्लोन बनाया और फर्जी रॉयल्टी प्रपत्र तैयार किए। वे पट्टाधारकों के आईडी-पासवर्ड और सिक्योरिटी पेपर की मदद से बारकोड स्कैन कर फर्जी प्रपत्र बनाते थे, जिन्हें ठेकेदारों को बेचकर सरकारी बिलों में इस्तेमाल करवाया जाता था। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि यह गिरोह 5-10 मिनट में रॉयल्टी की प्रामाणिकता जांचकर हूबहू फर्जी प्रपत्र तैयार करता था, जिससे कार्यदायी संस्थाओं को भी नुकसान हुआ। छह अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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3 आरोपी गिरफ्तार[/caption]
Fake Royalty Scam Mahoba: सरकारी राजस्व को नुकसान
यह घोटाला सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचा रहा है। पुलिस ने कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने फर्जी प्रपत्रों का उपयोग किया। इस मामले ने AI के दुरुपयोग और साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर किया है, जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
भरत त्रिपाठी की रिपोर्ट