“बेबी दे, फिर मर जा”: लुधियाना में युवक ने की आत्महत्या, गर्लफ्रेंड पर लगे दबाव के आरोप
पंजाब के लुधियाना में 21 वर्षीय युवक की आत्महत्या के मामले में गुरुवार को सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर उसकी गर्लफ्रेंड लगातार “बेबी” की मांग को लेकर दबाव बना रही थी। मोबाइल से मिली चैटिंग के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि यह दबाव युवक के मानसिक तनाव का कारण बना।
मां बोली-“दबाव में था मेरा बेटा”
मृतक निखिल की मां गीता के मुताबिक, लड़की पिछले डेढ़ साल से उनके बेटे पर बच्चे के लिए दबाव डाल रही थी। निखिल उसे समझाता रहा कि वह नाबालिग है और अभी यह संभव नहीं है। उसने कई बार कहा कि शादी के बाद ही बच्चा होगा और इसके लिए कुछ साल इंतजार करना होगा। मां का आरोप है कि इसके बावजूद लड़की अपनी जिद पर अड़ी रही और कथित तौर पर उसने युवक से कहा, “मुझे बेबी दे, फिर मर जा।”
चैटिंग में सामने आए आपत्तिजनक संदेश
परिवार का कहना है कि युवक के मोबाइल में करीब ढाई साल की चैटिंग मौजूद है, जिसमें लड़की बार-बार बच्चे की मांग करती दिखाई देती है। कुछ संदेशों में युवक की मानसिक स्थिति भी झलकती है, जहां वह खुद को परेशान और दबाव में महसूस करता नजर आता है। मां के अनुसार, जब भी लड़की नाराज होती थी, तो बेटा उसे शांत करने के लिए हामी भर देता था, लेकिन बाद में उसे समझाने की कोशिश करता था।
गीता ने बताया कि निखिल पहले भी तीन बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था, जिसका खुलासा मोबाइल में मिले वीडियो और तस्वीरों से हुआ। एक वीडियो में वह अपनी कलाई काटता दिखा, जबकि अन्य में उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। परिवार को इन घटनाओं की जानकारी पहले नहीं थी।
प्यार, दबाव और टूटता मानसिक संतुलन
जानकारी के अनुसार, निखिल और लड़की की मुलाकात साल 2023 में हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों छिपकर मिलते रहे। मां का कहना है कि रिश्ते में लगातार तनाव और कथित दबाव के चलते निखिल मानसिक रूप से टूटता चला गया, जो आखिरकार उसकी आत्महत्या का कारण बना।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के महीनों बाद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। मां ने संबंधित लड़की और उसके परिजनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।