छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। 21 वर्षीय युवक ने 40 लाख रुपये की बीमा राशि पाने के लिए अपनी मौत का नाटक रच डाला। उसने नदी किनारे बाइक, मोबाइल और कपड़े छोड़कर ऐसा माहौल बनाया जैसे वह डूबकर मर गया हो। पुलिस और SDRF की टीम 4 दिनों तक उसकी तलाश करती रही, लेकिन आखिरकार सोशल मीडिया ने उसकी असलियत उजागर कर दी। युवक दिल्ली भागा हुआ था और इंस्टाग्राम पर एक्टिव पाया गया।
ऐसा रचा गया ‘मौत’ का ड्रामा
मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। तैनाद गांव निवासी कौशल श्रीवास (21 वर्ष) 19 अगस्त की शाम करीब 7 बजे घर से निकला। उसने अपनी मां का मोबाइल लिया और कहा कि थोड़ी देर में घूमकर आ जाएगा। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।करीब रात 9 बजे परिजनों को सूचना मिली कि उसकी बाइक, मोबाइल और जूते शिवनाथ नदी के पैसर घाट पर पड़े हैं। परिवार तुरंत वहां पहुंचा और देखा कि सभी सामान किनारे पर पड़ा हुआ है, लेकिन कौशल गायब है। इसके बाद उसके पिता तिलक राम श्रीवास ने पामगढ़ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
4 दिनों तक नदी में सर्चिंग
गुमशुदगी रिपोर्ट के बाद बिलासपुर से SDRF और नगर सैनिकों की गोताखोर टीम बुलाई गई। उन्होंने लगातार 4 दिन तक शिवनाथ नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। हर कोई यही मान चुका था कि युवक नदी में डूब गया है। परिवार वाले भी शोक में डूब गए।लेकिन इसी बीच पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कौशल के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू की। यहीं से कहानी पलट गई।
सोशल मीडिया ने खोला राज
साइबर टीम ने पाया कि कौशल इंस्टाग्राम पर एक्टिव था। उसने अपने एक दोस्त को मैसेज किया था कि वह जिंदा है और सुरक्षित है। इसके अलावा 23 अगस्त को उसने अपने भाई को एक अनजान नंबर से कॉल भी किया।इस जानकारी के बाद पुलिस ने कॉल ट्रेस किया और लोकेशन बिलासपुर में मिली। फिर मुखबिर की मदद से उसे तोरवा इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
दिल्ली तक भागा था युवक
पूछताछ में कौशल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसके पिता पर 1 लाख रुपये का कर्ज है और वह मानसिक रूप से बहुत परेशान था। चूंकि उसके नाम पर 40 लाख रुपये का जीवन बीमा था, इसलिए उसने नाटक रचा कि उसकी मौत हो गई है।
पूरी प्लानिंग
नदी किनारे बाइक, मोबाइल और कपड़े छोड़कर वह पैदल पामगढ़ पहुंचा।वहां से बस पकड़कर बिलासपुर आया और 20 अगस्त को ट्रेन से दिल्ली के फरीदाबाद पहुंचा।रेलवे स्टेशन पर रात बिताई और फिर 22 अगस्त को बिलासपुर लौटा।23 अगस्त को पुलिस ने उसे पकड़ लिया।कौशल ने यह भी कबूला कि उसने ट्रेसिंग से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन दिल्ली स्टेशन पर फेंक दिया था।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पामगढ़ पुलिस और साइबर सेल ने युवक को बरामद कर परिवार को सौंप दिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला एक झूठी साजिश का है, जिसमें युवक ने बीमा राशि पाने के लिए अपनी मौत का नाटक किया।
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