छत्तीसगढ़

Vishnudev Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गृह जिले के दौरे पर, सोहरई करमा महोत्सव में होंगे शामिल

Vishnudev Sai: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद द्वारा आयोजित “सोहरई करमा महोत्सव 2025” महासम्मेलन में हिस्सा लेंगे और वहां जनसभा को भी संबोधित करेंगे। [caption id="attachment_111805" align="alignnone" width="231"] Vishnudev Sai[/caption]

पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना

मुख्यमंत्री का दिनभर का कार्यक्रम पहले से तय है। वे सुबह 11:40 बजे रायपुर स्थित अपने मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान करेंगे। इसके बाद 11:45 बजे रायपुर के पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे।

वहां से वे सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे

दोपहर करीब 1:10 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जशपुर जिले के ग्राम कन्डोरा (गोकुला आमा बगीचा) स्थित माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।

सहेजने के उद्देश्य से आयोजित किया गया

1:15 बजे वे "सोहरई करमा महोत्सव 2025" में सम्मिलित होंगे, जिसका आयोजन अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद ने किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री समाज के प्रतिनिधियों और आमजनों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम समाज की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

Vishnudev Sai: करीब 3:10 बजे वहां पहुंचेंगे

कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:50 बजे कन्डोरा हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा कांसाबेल के बगिया के लिए रवाना होंगे और करीब 3:10 बजे वहां पहुंचेंगे। इसके बाद वे अपने निज निवास बगिया जाएंगे, जहां आज रात उनका रात्रि विश्राम निर्धारित है।

आज रात उनका रात्रि विश्राम निर्धारित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 20 अक्टूबर (सोमवार) का पूरा दिन निज निवास बगिया में आरक्षित रहेगा। इस दौरान वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे और संभवतः संगठनात्मक अथवा निजी बैठकें कर सकते हैं।

समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

मुख्यमंत्री का यह दौरा सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेषकर रौतिया समाज के लिए, जो लंबे समय से अपनी परंपराओं को पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। सोहरई करमा महोत्सव इस समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।