Shantaram Tribute: पूर्व प्रांत प्रचारक शांताराम को श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री साय सहित अनेक गणमान्यजन हुए शामिल
Shantaram Tribute: छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक शांताराम के निधन पर प्रदेशभर में शोक की लहर है। राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने शांताराम के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
[caption id="attachment_103504" align="alignnone" width="300"]Shantaram Tribute: शुभचिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान हो
मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शांताराम संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनके साथ उनका आत्मीय व पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि शांताराम सदैव एक अभिभावक की तरह स्नेह और मार्गदर्शन देते रहे। उनका जाना न केवल संघ और समाज के लिए, बल्कि मेरे लिए भी एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके सभी शुभचिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान हो।
Shantaram Tribute: आशीर्वाद से उन्हें भी लगातार प्रेरणा मिलती रही
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी शांताराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में राष्ट्र निर्माण की दिशा में अमूल्य योगदान दिया। खासतौर पर उन्होंने मदकूदीप जैसे सांस्कृतिक स्थल को पुनर्जीवित कर समाज में जागरूकता लाई। अपनी सादगी, जीवन मूल्यों और अनुशासन के कारण वे सभी के प्रेरणास्रोत बने। डॉ. सिंह ने कहा कि शांताराम ने स्वयंसेवकों और जनता को परिवार समझकर मार्गदर्शन दिया और उनके आशीर्वाद से उन्हें भी लगातार प्रेरणा मिलती रही।
Shantaram Tribute: चंद्राकर सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद थे
श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक, आयोगों के अध्यक्ष और संघ के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद संतोष पांडे, विधायक सर्वअनुज शर्मा व मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद थे।
शांताराम के निधन से छत्तीसगढ़ ने एक आदर्श प्रचारक और समाजसेवी को खो दिया है। उनका जीवन और कार्य लंबे समय तक लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे।