Primary School: छत्तीसगढ़ के मुंगेली विकासखंड अंतर्गत बरदुली स्थित प्राथमिक शाला में शुक्रवार को एक बड़ी दुर्घटना घटित हो गई। कक्षा के दौरान स्कूल भवन की छत का प्लास्टर अचानक गिर पड़ा, जिससे दो छात्राएं घायल हो गईं। इस घटना ने जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों के रखरखाव और मरम्मत को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई सामने ला दी है।
[caption id="attachment_98899" align="alignnone" width="300"]Primary School: अचानक छत का जर्जर प्लास्टर गिर पड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब छात्र-छात्राएं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक छत का जर्जर प्लास्टर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा हिमांचुका दिवाकर और हंसिका दिवाकर आ गईं। इस दुर्घटना में हिमांचुका के सिर पर गंभीर चोट आई और उसका सिर फट गया, जबकि हंसिका को भी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों छात्राओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
Primary School: बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी
इस घटना ने स्कूल भवनों की खस्ताहाल स्थिति और मरम्मत के नाम पर किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग समय-समय पर स्कूलों की जांच और मरम्मत के निर्देश देता है, लेकिन इस हादसे ने दर्शा दिया कि जमीनी हकीकत इससे बहुत अलग है। प्राथमिक शालाएं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, आज भी जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं।
Primary School: बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन को स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
Primary School: बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती
फिलहाल, घायल छात्राओं का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की उपेक्षा बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है।