पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की कोशिश ट्रैफिक पु

पद्मश्री फूलबासन यादव का अपहरण करने की कोशिश नाकाम, पुलिस ने किया बचाव

पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन बाई से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना और घटना की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई

बता दें कि मंगलवार को पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव (Phoolbasan Bai Yadav) के अपहरण की कोशिश की गई, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई।  बताया जा रहा है कि दो महिलाएं कार से पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के घर पहुंचीं। दोनों महिलाओं ने उन्हें किसी काम के बहाने कार में बैठने के लिए कहा। इसके बाद फूलबासन बाई कार में दोनों महिलाओं के साथ बैठ गईं। आरोपी उनका मुंह बांधकर नेशनल हाईवे के रास्ते भाग रहे थे। 

दो अन्य सहयोगी भी मौजूद

इसी दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। जैसे ही पुलिस ने कार को रोका, तभी फूलबासन बाई यादव ने हिम्मत दिखाते हुए इशारे के जरिए पुलिसकर्मियों को बताया कि उनका किडनैपिंग किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि खुशबू साहू नाम की युवती, जो बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र के भौरी गांव की रहने वाली है, कथित रूप से योजना बनाकर स्कॉर्पियो वाहन लेकर आई थी। उसके साथ दो अन्य सहयोगी भी मौजूद थे।

दो पुरुषों से पूछताछ की जा रही

सभी आरोपियों द्वारा फूलबासन यादव को जबरदस्ती वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें किस कारण से, कहां और क्यों ले जाया जा रहा था। एडिशनल एसपी ने बताया कि फिलहाल वाहन में मौजूद मुख्य आरोपी खुशबू साहू, वाहन चालक, एक अन्य युवक और एक अन्य युवती समेत कुल दो महिलाओं और दो पुरुषों से पूछताछ की जा रही है।