मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सेना को सम्मानित किया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि नए भारत की अटूट इच्छाशक्ति, निर्भीक संकल्प और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है।
आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर अपने संदेश में कहा कि एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन भारत ने इस चुनौती का जिस दृढ़ता और साहस के साथ जवाब दिया, उसने इतिहास में शौर्य का नया अध्याय जोड़ा।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत अब आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। अब देश चुपचाप सहने वाला नहीं, बल्कि हर चुनौती का निर्णायक और प्रभावी जवाब देने में सक्षम है।
सैन्य शक्ति को नई पहचान दी
मुख्यमंत्री साय ने भारतीय सैनिकों के साहस, उत्कृष्ट रणनीति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने सेना की क्षमता और प्रतिबद्धता को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। आतंकवाद के सरपरस्तों को जिस सटीकता और मजबूती से जवाब दिया गया, उसने भारत की सैन्य शक्ति को नई पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” की नीति को व्यवहार में उतारकर दिखाया है। आधुनिक तकनीक, मजबूत रणनीति और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली के बल पर भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रभावी प्रतिकार भी करता है।
नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित
अंत में मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” के सभी वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान और पराक्रम सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। साथ ही उन्होंने पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।