Guru Ghasidas Tiger Reserve : बाघिन ने दिए दो बच्चों को जन्म - वन विभाग ने क्षेत्र किया सील
Guru Ghasidas Tiger Reserve : छत्तीसगढ़ के
गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व से
वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय बाद यहां एक बाघिन ने
दो शावकों को जन्म दिया है, जिससे क्षेत्र में
वन्यजीव संरक्षण को लेकर
उम्मीद और उत्साह का माहौल बन गया है।बाघिन और उसके शावकों को
सोनहत वन परिक्षेत्र के पास
ग्राम भलुवार के नजदीक देखा गया। इस घटना के बाद
वन विभाग ने संपूर्ण क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया है
ग्रामीण ने ली बाघिन और शावकों की दुर्लभ तस्वीर
ग्राम भलुवार निवासी एक ग्रामीण
खेत से घर लौटते समय बाघिन और शावकों को देखकर चौंक गया। उसने तुरंत
मोबाइल से फोटो ली और गांव में लोगों को दिखाया। सूचना मिलने के बाद
वन विभाग के रेंजर अजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।हालांकि, भारी बारिश के कारण न तो
बाघिन और शावक नजर आए, और न ही
पंजों के निशान स्पष्ट रूप से मिल सके। इसके बावजूद, आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ में पुष्टि हुई कि उन्होंने
उसी दिन बाघिन और दो शावकों को देखा है
वन विभाग ने जारी की गाइडलाइन, क्षेत्र को किया सील
बाघिन और शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित स्थल से दूर रहें
वन क्षेत्र में प्रवेश से बचें
किसी भी नई गतिविधि की तुरंत वन विभाग को सूचना दें
सुरक्षा की दृष्टि से
पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है, ताकि न तो कोई मानवीय हस्तक्षेप हो और न ही बाघिन और शावकों को खतरा पहुंचे।
राष्ट्रीय उद्यान से मात्र 100 मीटर की दूरी पर दिखे थे शावक
जहां बाघिन और उसके शावक देखे गए, वह स्थान
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से मात्र
100 मीटर की दूरी पर है। वन अधिकारियों का अनुमान है कि बाघिन अपने शावकों के साथ
राष्ट्रीय उद्यान के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में चली गई होगी।
कुछ महीने पहले दो बाघों की हुई थी मौत
यह घटना
वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में
दो बाघों की रहस्यमयी मौत हुई थी, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। उस समय
कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई थी।अब शावकों के जन्म से इस रिजर्व में
एक नई उम्मीद ने जन्म लिया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि
प्राकृतिक प्रजनन और बाघों का अनुकूलन फिर से शुरू हो रहा है।
गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व: छत्तीसगढ़ का वन्यजीव गहना
गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित है और
संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व (मध्यप्रदेश) से सटा हुआ है। यहां की जलवायु, भू-आकृति और जैव विविधता इसे बाघों के लिए एक आदर्श निवास स्थान बनाती है।
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