छत्तीसगढ़

Bastar News: मधुमक्खियों के हमले से बचने डबरी में कूदे पिता-पुत्र, डूबने से हो गई मौत

father son drowned dabri bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत में काम कर रहे पिता और बेटे की डबरी में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार यह घटना करपावंड थाना क्षेत्र के छिंदगांव की है। मंगलवार सुबह खेत में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भाग रहे पिता-पुत्र डबरी में जा गिरे, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल पाए।

खेत में काम करते समय हुआ हमला

ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक भुवनेश्वर पटेल (60) और उनका बेटा विनोद पटेल (32) गांव के अन्य लोगों के साथ खेत में काम कर रहे थे। तभी अचानक खेत के पास बने पेड़ पर मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते से शिकारी छेड़छाड़ कर भाग गया। इस वजह से मधुमक्खियों का झुंड उग्र हो गया और खेत में काम कर रहे लोगों पर हमला कर दिया।

ग्रामीणों ने बचने की कोशिश की: father son drowned dabri bastar

मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए ग्रामीण इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग खेत के पास बने कुएं और मकानों में जा छिपे। इसी दौरान भुवनेश्वर अपने बेटे विनोद के साथ पास की डबरी की ओर भागे। घबराहट में दोनों डबरी में कूद गए। डबरी में पानी ज्यादा था, जिससे दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।

बचाव की कोशिश हुई नाकाम

गांव के अन्य लोग जब वहां पहुंचे तो उन्होंने पिता और पुत्र को पानी में तलाशने की कोशिश की। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। करपावंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब 3 से 4 घंटे की मशक्कत के बाद जलाशय से दोनों के शव निकाले जा सके।

घटना से पूरे गांव में शोक: father son drowned dabri bastar

पिता-पुत्र की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि भुवनेश्वर पटेल गांव में खेती-किसानी का काम करते थे और परिवार के सरल एवं मेहनती व्यक्ति माने जाते थे। विनोद शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। अचानक हुई इस दुर्घटना से गांव में शोक और आक्रोश दोनों है।

घटना में कई लोग घायल भी हुए

घटना के दौरान मधुमक्खियों के डंक से 4-5 ग्रामीण घायल भी हो गए। इनमें कुछ लोगों का इलाज गांव में ही कराया गया, जबकि दो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है।