छत्तीसगढ़

Raipur: हाईटेक ठगी का ‘सुपरफ्रॉड’!"रिटायर्ड GM से 3 करोड़ की ठगी

दिल्ली पुलिस अफसर बनकर जाल में फंसाया

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक हाईटेक ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस और ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दो मामलों में लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इनमें एक रिटायर्ड महिला जनरल मैनेजर से 2.83 करोड़ और दूसरे मामले में एक दंपति से 8.5 लाख रुपये वसूल लिए गए।

पहला मामला: रिटायर्ड GM से 2.83 करोड़ की ठगी

विधानसभा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला जनरल मैनेजर (नाम बदला गया - नीलम) को ठग ने पहले SBI कस्टमर केयर बताकर फोन किया और फिर एक लिंक भेजा, जिससे उनका कॉल दिल्ली पुलिस के साइबर विंग को ट्रांसफर किया गया।इसके बाद उन्हें WhatsApp वीडियो कॉल आया, जिसमें पुलिस यूनिफॉर्म में बैठा व्यक्ति खुद को दिल्ली साइबर विंग अधिकारी बता रहा था। कॉल के बाद कैमरा बंद कर दिया गया और वॉयस कॉल के जरिए महिला से पर्सनल जानकारी और बैंक डिटेल मांगी गईं।

मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी

ठग ने महिला से कहा कि उनके आधार कार्ड से फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं और उनमें मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। इससे बचने के लिए उन्हें RTGS के जरिए कुछ रकम RBI को ट्रांसफर करनी होगी, जिससे वेरिफिकेशन के बाद राशि लौटा दी जाएगी।डर के कारण महिला ने 2 महीने में कई बार रकम ट्रांसफर की, जिनमें शामिल हैं

इतनी बार इतने पैसे हुए ट्रांसफर

23 मई: 6.15 लाख 13 जून: 25 लाख 17 जून: 21 लाख 18 जून: 90 लाख 21 जून: 40 लाख 25 जून: 35 लाख 1 जुलाई: 22 लाख 3 जुलाई: 50 हजार 7 जुलाई: 1 लाख 10 जुलाई:3 लाख कुल मिलाकर ठगों ने महिला से ₹2.83 करोड़ की ठगी कर ली।जब महिला ने ठगों से पैसा वापस मांगा तो उन्हें वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया – "आपके साथ फ्रॉड हो गया है"। तब जाकर उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।फिलहाल महिला की शिकायत पर विधानसभा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर 38 लाख रुपये की रकम होल्ड करवाई है, और खातों की जांच की जा रही है।

पीड़िता की प्रोफाइल

रिटायर्ड जनरल मैनेजर पति की पहले ही हो चुकी है मौत मौसी के साथ रहती हैं नौकरी में कमाई गई पूरी जमा पूंजी ठगों ने लूट ली

दूसरा मामला: पति-पत्नी से 8.5 लाख की ठगी

दूसरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के दावड़ा कॉलोनी का है। विनोद शर्मा और उनकी पत्नी मनोरमा शर्मा को भी इसी तरह डिजिटल अरेस्ट कर ठगा गया। ठगों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर विनोद शर्मा को बताया कि उनके नाम पर कई बैंक खाते हैं जिनमें 200 करोड़ रुपये की लेन-देन दिखाई गई है। इस डर से दंपति ने ₹8.5 लाख रुपये ठगों के बताए बैंक खाते में जमा कर दिए। बाद में जब संपर्क टूट गया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत टिकरापारा थाने में दर्ज की गई है।

पुलिस जांच जारी

दोनों मामलों में FIR दर्ज कर ली गई है, और रायपुर पुलिस के साइबर सेल सहित विभिन्न एजेंसियां जांच में जुटी हैं। पुलिस का दावा है कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए कई खातों को फ्रीज किया गया है, और डिजिटल सबूतों की जांच जारी है। Watch Now :- "सावन शुरू! जानिए कैसे पाएं भगवान शिव की अपार कृपा इस पावन महीने में ?" Read More:- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: तलाक के मामले में पत्नी की कॉल रिकॉर्डिंग सबूत