छत्तीसगढ़ में आज से ‘सुशासन तिहार 2026’ शुरू। 10 ज

छत्तीसगढ़ में आज से ‘सुशासन तिहार’ शुरू, जनता की शिकायतें सुनेंगे अफसर; CM साय करेंगे औचक निरीक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में प्रशासनिक सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए आज से ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 1 मई से 10 जून तक पूरे राज्य में चलेगा। इसके तहत गांव और शहरों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोग अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।

सरकार का फोकस लंबित मामलों के त्वरित समाधान और आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देने पर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समय पर और पारदर्शी तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

पहले दिन 14 जिलों में लगे समाधान शिविर

अभियान के पहले दिन प्रदेश के 14 जिलों में समाधान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान देने की व्यवस्था की गई है।ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह के आधार पर शिविर लगाए जा रहे हैं, जबकि शहरी इलाकों में वार्ड क्लस्टर के हिसाब से आयोजन किया जा रहा है।

किन मामलों के समाधान पर सरकार का फोकस?

सरकार ने अभियान शुरू होने से पहले ही कलेक्टरों को निर्देश दिए थे कि 30 अप्रैल तक लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। खासतौर पर इन मामलों पर फोकस किया जा रहा है-नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े राजस्व प्रकरण, मनरेगा मजदूरी भुगतान, हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र. बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल समस्याएं. इसके साथ ही पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

इन योजनाओं से जुड़े आवेदन भी लिए जाएंगे

सुशासन तिहार के दौरान कई जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से. उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन.सरकार का दावा है कि अधिकतर मामलों का निराकरण एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा और आवेदकों को उनकी फाइल की स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी।

CM विष्णुदेव साय करेंगे औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद भी अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे। वे समाधान शिविरों और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे, हितग्राहियों से फीडबैक लेंगे और जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे।सरकार की कोशिश है कि प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचे और लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।