छत्तीसगढ़

Raipur: मानसून सत्र से पहले साय कैबिनेट की बैठक

किसानों, विधेयकों और विकास एजेंडे पर होगा मंथन

मानसून सत्र से ठीक पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक आगामी 14 से 18 जुलाई तक होने वाले विधानसभा सत्र से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। बैठक में सभी मंत्रियों को बुलाया गया है और कृषि, शिक्षा, खाद्य और आबकारी जैसे प्रमुख विभागों से जुड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

किसान योजनाओं पर होगा फोकस

पिछली कैबिनेट बैठक में कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाया गया था, जिसमें अब धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और मक्का की खेती करने वाले किसानों को भी आदान सहायता देने का फैसला किया गया। इस बैठक में भी किसान हित से जुड़े फैसलों पर चर्चा की संभावना है, खासकर मानसून सीजन को देखते हुए।

जन विश्वास विधेयक पर चर्चा संभव

कैबिनेट में जन विश्वास विधेयक-2025 को लेकर भी चर्चा हो सकती है, जिसके अंतर्गत कुछ पुराने कानूनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर गैर-अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा। इससे अनावश्यक मुकदमे कम होंगे और कारोबारियों के लिए व्यापार करना आसान होगा। सरकार इसे "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" का हिस्सा बता रही है।

शराब घोटाले की अनौपचारिक गूंज

हाल ही में आबकारी विभाग में हुए शराब घोटाले को लेकर दो अधिकारियों के सस्पेंशन ने सियासी ताप बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में इसकी कोई औपचारिक चर्चा नहीं होगी, लेकिन मंत्रियों के बीच अनौपचारिक बातचीत में यह मुद्दा जरूर छाया रह सकता है। विपक्ष ने इसे मानसून सत्र में बड़ा मुद्दा बनाने का संकेत दे दिया है।

रिडेवलपमेंट प्लान्स पर मिलेगी मंजूरी

पिछली बैठक में सात शहरों में पुराने सरकारी भवनों और अनुपयोगी जमीनों के विकास की रिडेवलपमेंट योजना को मंजूरी दी गई थी। इस बैठक में इन योजनाओं की क्रियान्विति को लेकर बजट और टाइमलाइन पर मुहर लग सकती है। रायपुर, जगदलपुर, कांकेर और कोरबा जैसे इलाकों में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।

लॉजिस्टिक हब और रोजगार के नए अवसर

कैबिनेट ने हाल ही में छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी थी, जिसके अंतर्गत राज्य को लॉजिस्टिक हब बनाने, निर्यात बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में इसकी प्रगति रिपोर्ट और अगले चरण की योजनाएं सामने आ सकती हैं। ड्राई पोर्ट और कंटेनर डिपो जैसे ढांचागत विकास को लेकर भी बात होगी।

पेंशन फंड और सेवा नियमों में बदलाव

पेंशन भुगतान के लिए नया फंड, और प्रमोशन में न्यूनतम सेवा अवधि में छूट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी कैबिनेट में चर्चा के केंद्र हो सकते हैं। इससे कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

विपक्ष तैयार, सत्र में गर्मी तय

14 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार को खाद की कमी, शराब घोटाले और क्राइम जैसे मुद्दों पर विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। सत्तापक्ष भी पूरी तैयारी में जुटा है और कैबिनेट बैठक में जवाबी रणनीति पर भी मंथन हो सकता है।

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