सनातन

✨ योगिनी एकादशी 2025: जानिए पूजन विधि, महत्व और कैसे मिलेगा विष्णु का विशेष आशीर्वाद

yogini ekadashi 2025 vrat puja vidhi : योगिनी एकादशी 2025: कैसे करें पूजन, क्या करें दान  जानिए व्रत से हर संकट कैसे होगा दूर 

योगिनी एकादशी तिथि: शनिवार, 21 जून 2025 (yogini ekadashi 2025 vrat puja vidhi) तिथि का पक्ष: आषाढ़ कृष्ण पक्ष देवता: भगवान श्रीहरि विष्णु

? योगिनी एकादशी का महत्व:

हिंदू धर्म में 24 एकादशी व्रत होते हैं, लेकिन योगिनी एकादशी को पाप नाशिनी और पुण्य दायिनी एकादशी कहा गया है। शास्त्रों में इसका पुण्य सहस्त्र यज्ञों के बराबर माना गया है। इस व्रत से शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

? पूजन विधि – स्टेप बाय स्टेप गाइड

1. दशमी (20 जून) से तैयारी शुरू करें:

  • सात्विक भोजन करें
  • वाणी और व्यवहार पर संयम रखें
  • रात्रि को भगवान का ध्यान करें

2. एकादशी (21 जून) – व्रत का मुख्य दिन:

  • ब्रह्ममुहूर्त में उठें और स्नान करें
  • भगवान श्रीविष्णु और गणेश जी की पूजा करें
  • गंगाजल से मूर्ति का स्नान कराएं
  • चंदन, रोली, पुष्प, दीप और तुलसी अर्पित करें
  • मंत्र जाप करें: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"

3. दिन भर उपवास/फलाहार करें:

  • यथाशक्ति निराहार रहें या एक समय फलाहार करें
  • दिन भर भजन, ध्यान, कीर्तन करें
  • क्रोध, निंदा, अहंकार, असत्य से बचें

4. रात में जागरण करें (इच्छा अनुसार)

  • भगवान विष्णु की कथा सुनें
  • साधु-संतों को भोजन कराना शुभ माना जाता है

5. द्वादशी (22 जून) – व्रत का पारण:

  • सूर्योदय के बाद स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करें
  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, जल का दान करें
  • फिर स्वयं सात्विक भोजन करें

? तुलसी अर्पण का विशेष महत्व:

"तुलसी पत्रमये देव! तुलसी त्वं नमोस्तुते।"
जो व्यक्ति भगवान विष्णु को श्रद्धा से तुलसी अर्पित करता है, उसे संपूर्ण एकादशी व्रत का फल प्राप्त होता है।

? मान्यताएं और लाभ:

  • पापों का नाश: अज्ञात और ज्ञात पाप समाप्त होते हैं
  • मानसिक शांति: क्रोध, तनाव और बेचैनी दूर होती है
  • आध्यात्मिक उन्नति: आत्मा की शुद्धि होती है
  • स्वास्थ्य लाभ: संयमित आहार से शारीरिक शुद्धि
  • धन-संपत्ति में वृद्धि: दान और पुण्य से घर में समृद्धि आती है

?  जीवन को नई दिशा दे सकते हैं

योगिनी एकादशी व्रत केवल पूजा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। इस दिन ईश्वर भक्ति, सेवा, और संयम के माध्यम से आप अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए 21 जून को यह व्रत जरूर करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

Read More :- 14 महीने की सबसे बड़ी राहत: खाने-पीने की चीजें हुईं सस्ती

Watch Now :- देश में कोरोना की वापसी!  CORONA | ACTIVE CASE