सनातन

Purnima Vrat January 2026: पौष पूर्णिमा कब है? जानिए इस दिन क्या करें..

Purnima Vrat January 2026: पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व होता है, इस दिन को बहुत पवित्र माना जाता है, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रुप में होता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, कहते हैं भगवान के प्रति सच्ची भक्ति रखने और व्रत रखने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस दिन गंगा नदी या किसी पवित्र नदी में स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इस दिन काशी, चित्रकूट, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों में भक्तों की भारी भीड़ होती है।

कब है पूर्णिमा?

पौष पूर्णिमा पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 जनवरी की शाम यानि की आज 6 बजकर 53 से होगी ही और इसका समापन 3 जनवरी को शाम 5 बजकर 28 मिनट बजे होगा। इस तरह कुछ लोग आज व्रत रहेंगे तो कुछ लोग कल व्रत रखेंगे। व्रत के दूसरे दिन जरुतमंदों को दान दें हो सके तो उन्हें भोजन भी कराएं। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।

क्या है व्रत का महत्व?

पौष पूर्णिमा का सनातन धर्म में विशेष महत्व होता है, कहते हैं, इस दिन व्रत रखने और सच्चे मन से पूजा करने से भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। इतना ही नही जो यह व्रत रखते है तो उन्हें पापो से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

व्रत और पूजन विधि

1. पौष पूर्णिमा के दिन सुबह - सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ - साथ भगवान शिव की भी पूजा करनी चाहिए। 2. किसी पवित्र नदी में स्नान करें फिर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। और दीप दान करने चाहिए। 3. इस दिन भगवान नारायण की पूजा के साथ सत्यनारायण की कथा करवाने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। 4. इस दिन जरुतमंदों को अनाज, कंबल, वस्त्र आदि दान दें उन्हें भोजन कराएं। इतना ही नहीं इस दिन तिल, गुड़ , कंबल और ऊनी वस्त्रों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।