Lifestyle

Kuttu Flour Benefits: कैसे बनता है कुट्टु का आटा, जानिए व्रत में इसका इस्तेमाल क्यों?

Kuttu Flour Benefits: नवरात्र हिंदु धर्म का विशेष त्योहार है, भक्त इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाते हैं। कई लोग नवरात्र में व्रत भी रखते हैं, ऐसे में कई लोग व्रत के दौरान फल, साबुदाने का खिचाड़ा तो खाते ही हैं, लेकिन कई लोग कुट्टू के आटे का इस्तेमाल भी करते है, कुट्टू के आटे की पूड़ी, पकौड़ी व्रत में प्राथमिकता में रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाकी अनाजों को छोड़कर आखिर व्रत में कुट्टू के आटे का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? आइए जानते है इससे जुड़ी परंपरा और स्वास्थय लाभ के बारें में... Read More: Ovarian Cyst Treatment: महिलाओं में बढ़ रही है ओवेरियन सिस्ट की समस्या, जानें लक्षण, कारण और इलाज…

क्या है कुट्टू का आटा?

कुट्टू का आटे को बकव्हीट (Buckwheat) कहा जाता है। यह एक पौधा है, जिसका तना लाल रंग का होता है और फूल सफेद या गुलाबी होते हैं, जब यह पक जाता है, तो तिकोने आकार के फल बन जाते हैं। इन्हीं फलों को सुखाकर और पीसकर कुट्टू का आटा तैयार किया जाता है। क्योंकि यह आटा फल से बनता है, यानी की यह आनाज नहीं है, इसलिए इसका इस्तेमाल व्रत में किया जाता है। यही वजह है कि कुट्टू का आटा नवरात्र, शिवरात्रि या अन्य व्रतों में सबसे पसंदीदा विकल्प माना जाता है।

कैसे तैयार होता है कुट्टू का आटा ?

कुट्टू का आटा बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है:- 1. फल इकट्ठा करना: जब कुट्टू के पौधे पूरी तरह से पक जाते हैं, तो उनके छोटे-छोटे तिकोने फल इकट्ठा किए जाते हैं। 2. साफ और सुखाना: इन फलों को अच्छी तरह से साफ किया जाता है और तेज धूप में सुखाया जाता है। नमी पूरी तरह से हटाई जाती है, क्योंकि नमी रहने पर आटा जल्दी खराब हो सकता है। 3. पीसना: सूखने के बाद फलों को मशीन या पारंपरिक चक्की में पीसा जाता है। इसका परिणाम होता है भूरे रंग का बारीक पाउडर, जिसे हम कुट्टू का आटा कहते हैं। 4. यह आटा बाजार में आसानी से उपलब्ध है, लेकिन चाहें तो घर पर भी ताजगी के साथ इसे पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

व्रत में कुट्टू का आटा क्यों खाया जाता है?

कुट्टू के आटे का व्रत में इस्तेमाल सिर्फ परंपरा का हिस्सा नहीं है, इसके कई स्वास्थ्य और धार्मिक फायदे भी हैं।

धार्मिक कारण...

भारतीय परंपरा में व्रत के दौरान सात्विक भोजन ही किया जाता है। चूंकि कुट्टू अनाज नहीं बल्कि फल माना जाता है, इसलिए यह व्रत के नियमों के अनुरूप है। लोग इसे शुद्ध मानकर खा सकते हैं।

ग्लूटेन-फ्री...

कुट्टू का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है। जो लोग ग्लूटेन से एलर्जिक हैं या अपने आहार से ग्लूटेन हटाना चाहते हैं, उनके लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है।

ऊर्जा का स्रोत...

व्रत के दौरान शरीर को लगातार ऊर्जा की जरूरत होती है। कुट्टू का आटा कार्बोहाइड्रेट्स का अच्छा स्रोत है, जो धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है।

पोषक तत्वों से भरपूर...

कुट्टू का आटा सिर्फ व्रत के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन और विटामिन B-कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

पाचन में आसानी...

कुट्टू में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। व्रत के दौरान जब पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, तो कुट्टू का आटा पेट को हल्का रखता है और अपच या पेट फूलने जैसी समस्याओं से बचाता है।

कुट्टू से बनाये जाने वाले लोकप्रिय व्यंजन

नवरात्र और अन्य व्रतों में कुट्टू के आटे से कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं , जैसे - कुट्टू की पूड़ी, कुट्टू की पूरी के साथ आलू की सब्जी, कुट्टू की पकोड़ी, कुट्टू का हलवा, कुट्टू का चीला इन व्यंजनों का स्वाद न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी है।