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Bhopal Famous Lord Shiva Temples: भोपाल के 5 अद्भुत मंदिर, जिनका रहस्य जानकर हो जाएंगे हैरान!
Bhopal Famous Lord Shiva Temples: सावन मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे शुभ और फलदायक महीना माना जाता है। इस पावन समय में भक्तजन व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करते हैं और जल-दूध अर्पित करके भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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आपको बता दें कि, भगवान शिव के कई नाम है, और इन्हे मृत्यु के देवता भी कहा जाता है। लेकिन वे केवल विनाशकारी शक्ति ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना और वैराग्य के प्रतीक भी हैं। ऐसे में हम आपको आज भोपाल के 5 प्रसिद्ध भगवान शिव मंदिरों के बारें में बताएंगे।
इस मंदिर की स्थापना के पीछे दो मान्ताएं और रहस्य है। एक मान्यता यह है कि इस मंदिर को भोजपुर के राजा ने बनावाया उन्होंने एक दिन में मंदिर बनवाने का संकल्प लिया था, लेकिन एक दिन में पूरा नहीं बन सका, दूसरी कथा यह है कि यह मंदिर पांडवो ने अपने अज्ञातवास के दौरान माता कुंती के पूजन हेतु बनाया था।
यहां भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने आते हैं।
बताया जाता है कि, यहां लगभग 400 साल पहले जंगल हुआ कता था और यहां कई तरह के पौधे लगे हुए थे। और एक दिन एक साधु बड़ के वृक्ष के नीचे विश्राम कर रहे थे तभी उन्होंने जैसे करवट ली तो उनका सर जड़ में स्थित एक सिला से टकरा गया और जब वहां की मिट्टी हटाई गई तो वहां शिवलिंग दिखाई दिए, जिसके दर्शन के बाद साधु ने यह जानकारी श्रद्धालुओं और भक्तों को दी।
फिर वहां खुदाई की गई तो उस पौधे से शिवलिंग प्रकट हुए और फिर उनको विधिवत रुप से उनकी स्थापना कराई गई। तब से ही उनकी हर रोज पूजा होती है।
माना जाता है कि यहां श्रद्धा से हुई प्रार्थना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यहां रुद्राभिषेक, आरती और सावन में मेला लगता है।
यहां बेलपत्र, भस्म, दूध-जल से अभिषेक किया जाता है, साथ ही रात्रि जागरण और सामूहिक भजन का आयोजन भी होता है।
कहा जाता है कि यहां की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।