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हर हर महादेव" की गूंज के साथ अमरनाथ यात्रा शुरू: पहली आरती हुई

अमरनाथ यात्रा 2025 शुरू: पहली आरती, पहलगाम से जत्था रवाना

amarnath yatra 2025: “बम बम भोले!” की गूंज के साथ बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा 2025 आज से शुरू हो गई। गुरुवार सुबह बाबा अमरनाथ की पहली आरती की गई और इसके बाद पहला जत्था बालटाल और नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप से पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ।

सफेद बर्फ की चादर के बीच श्रद्धालुओं की टोली 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ आगे बढ़ी। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी यात्रियों का पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत किया।

amarnath yatra 2025: 38 दिनों की यात्रा: 9 अगस्त रक्षाबंधन को होगा समापन

  • इस साल यात्रा 38 दिनों तक चलेगी, जो 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन) को समाप्त होगी।

  • पिछली बार यात्रा 52 दिन चली थी और 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

  • अभी तक 3.5 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है।

रजिस्ट्रेशन कहां और कैसे हो रहा है?

तुरंत रजिस्ट्रेशन के लिए जम्मू में खोले गए हैं विशेष सेंटर:

  • सरस्वती धाम

  • वैष्णवी धाम

  • पंचायत भवन

  • महाजन सभा

इन केंद्रों पर हर दिन करीब 2,000 श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं को RFID कार्ड, मेडिकल सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज अनिवार्य रूप से लाने की सलाह दी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

  • यात्रा मार्गों पर सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस की तैनाती की गई है।

  • ड्रोन से निगरानी, जगह-जगह चेकपोस्ट और मेडिकल हेल्प डेस्क तैयार रखे गए हैं।

यात्रा के दो रूट: किसे चुनें?

? 1. पहलगाम रूट – आरामदायक लेकिन लंबा

  • पहलगाम → चंदनवाड़ी (16 किमी) → पिस्सू टॉप → शेषनाग (9 किमी) → पंचतरणी (14 किमी) → गुफा (6 किमी)

  • कुल समय: 3 दिन

  • फायदा: आसान ट्रेकिंग, ज्यादा सुविधाएं

  • उपयुक्त: परिवार, वरिष्ठ नागरिक

? 2. बालटाल रूट – छोटा लेकिन चुनौतीपूर्ण

  • बालटाल → गुफा (14 किमी खड़ी चढ़ाई)

  • कुल समय: 1 दिन

  • फायदा: कम समय में दर्शन

  • चुनौती: खतरनाक मोड़, बुजुर्गों के लिए कठिन

 UPDATES के लिए फोलो करें

  • यात्रा की लाइव अपडेट्स, मौसम की जानकारी और गुफा के दर्शन के लिए आधिकारिक वेबसाइट या अमरनाथ यात्रा ऐप चेक करें।

  • हेल्पलाइन नंबर और रजिस्ट्रेशन पोर्टल्स पर नियमित विज़िट करते रहें।

अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, साहस और अनुशासन का प्रतीक है। बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक पहुंचना भले ही कठिन हो, लेकिन हर कदम पर भक्ति की शक्ति मिलती है। तो तैयार हो जाइए... "बम बम भोले" कहने के लिए!

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