"हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, पहले दिन ही कश्मीर पहुंचे हजारों श्रद्धालु
57 दिन तक चलने वाली यात्रा के लिए हाईटेक सुरक्षा और स्वास्थ्य इंतजाम, हर 2 किमी पर ऑक्सीजन बूथ और दोनों मार्गों पर अत्याधुनिक अस्पताल
बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से विधिवत शुरू हो गई। पहले दिन 4,800 से अधिक श्रद्धालुओं का पहला जत्था कश्मीर पहुंच गया, जबकि तड़के दूसरा जत्था भी जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से बालटाल और पहलगाम मार्ग के लिए रवाना हुआ। इस वर्ष यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी और चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम
यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर हर दो किलोमीटर पर ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं, जबकि करीब एक हजार डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए गए हैं। बालटाल मार्ग पर 12 वाटरप्रूफ डोम भी बनाए गए हैं, ताकि खराब मौसम की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
बारिश और भूस्खलन को लेकर प्रशासन अलर्ट
कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर लौटने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक दोनों यात्रा मार्गों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम की जानकारी बड़ी स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाई जा रही है।
3.90 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक 3.90 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। जिन श्रद्धालुओं ने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके लिए जम्मू में ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रशासन ने यात्रियों से मेडिकल सर्टिफिकेट, RFID कार्ड, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखने की अपील की है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।