Amitabh Bachchan: इंदौर की गुरदीप कौर वासु और छत्तीसगढ़ के गोकरण पाटिल ने अपनी लंबी इच्छा पूरी की और महानायक अमिताभ बच्चन से मुलाकात की। गुरदीप, जो जन्म से मूक, बधिर और दृष्टिहीन हैं, केवल स्पर्श भाषा समझ सकती हैं। पांच साल से उनका सपना था कि वे अमिताभ बच्चन से मिलें। दीपावली से पहले यह सपना साकार हुआ, जब उन्होंने मुंबई में महानायक से मुलाकात की। अमिताभ ने उन्हें देखकर भावुक हो गए और अपनी हथेली से आशीर्वाद दिया।

भावनाओं को समझकर आंखें भर आईं
दूसरे दिव्यांग गोकरण पाटिल मूक-बधिर हैं और जन्म से दोनों हाथ नहीं हैं। उन्होंने पैरों से अमिताभ का खूबसूरत पोर्ट्रेट बनाकर उन्हें गिफ्ट किया। पांच साल से वे भी इस मुलाकात के प्रयास में थे। अमिताभ बच्चन ने उनके इस प्रयास की सराहना की और भावनाओं को समझकर आंखें भर आईं।
ड्रॉइंग का इस्तेमाल करके अमिताभ से संवाद किया
दोनों दिव्यांगों के शिक्षक ज्ञानेंद्र और मोनिका पुरोहित ने बताया कि गुरदीप ने मुंबई के हेलन केलर स्कूल से शिक्षा ली और ‘ब्लैक’ फिल्म से प्रेरणा पाई। गुरदीप ने टेक्टाइल साइनिंग लैंग्वेज में अमिताभ को अपना नाम महसूस कराया। गोकरण ने पैरों से साइन लैंग्वेज और ड्रॉइंग का इस्तेमाल करके अमिताभ से संवाद किया।

शुभकामनाएं उनके मन में हमेशा बनी रहेंगी
मुंबई में मुलाकात 9 अक्टूबर को हुई और लगभग 25 मिनट तक चली। इस दौरान अमिताभ बच्चन ने दोनों को दीपावली की शुभकामनाएं दी और उनके परिजनों व शिक्षकों की मेहनत की सराहना की। गोकरण की बनाई पेंटिंग अब बिग बी के ‘जलसा’ गार्डन में सजेगी, जबकि गुरदीप की शुभकामनाएं उनके मन में हमेशा बनी रहेंगी।
Amitabh Bachchan: देशभर से उन्हें बधाई संदेश और प्रशंसा मिली
पुरोहित दंपती ने बताया कि दिव्यांगों के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे बड़ा तोहफा होता है। गोकरण और गुरदीप की यह मुलाकात उनके लिए अनमोल रही। गुरदीप ने अपनी बहन हरप्रीत के माध्यम से सारी मुलाकात और फोटो अपने परिवार और मित्रों को फॉरवर्ड किए। देशभर से उन्हें बधाई संदेश और प्रशंसा मिली।
खास और भावुक करने वाली मुलाकात थी
इस अद्भुत मुलाकात ने साबित कर दिया कि संकल्प और धैर्य से हर सपना सच हो सकता है। अमिताभ बच्चन ने भी कहा कि यह उनके जीवन की बेहद खास और भावुक करने वाली मुलाकात थी।
