Amit Shah on Vande Mataram :देश के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को 150 साल पूरे होने पर राजधानी सहित पूरे देश में उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भाजपा कार्यालय में भी एक विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा के स्वर हैं और यह गीत हमारे देश के एकता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम का प्रतीक है।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व
वंदे मातरम् की रचना 7 नवंबर 1875 को महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। यह गीत उनके उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के हृदय में जोश भरने का काम किया। लगभग एक सौ वर्षों से भी अधिक समय से यह गीत हमारे राष्ट्रीय उत्सवों और संगठित कार्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा रहा है।
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अमित शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि हमारी आत्मा की आवाज है जो हमें राष्ट्रीयता और समर्पण की प्रेरणा देती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस गीत के महत्व को समझें और इसे गर्व के साथ गाएं जिससे देशभक्ति की भावना और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि भाजपा इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
150 वर्ष का उत्सव
भारत सरकार ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष 2025 से 2026 तक उत्सव मनाने का घोषणा की। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक गायन, प्रदर्शनियां, और छात्र-युवा कार्यक्रम शामिल हैं। 7 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पीएम मोदी इस उत्सव का उद्घाटन करेंगे।
वंदे मातरम् के 150 वर्षों के इस गौरवपूर्ण इतिहास को याद करते हुए यह जरूरी है कि हम सभी इसे सिर्फ शब्दों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी भावनाओं में आत्मसात कर देश सेवा और एकता के पथ पर अग्रसर हों। अमित शाह के उक्त वचनों ने युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को एक नई ऊर्जा प्रदान की है। यह कार्यक्रम इसके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
