Amit Shah Rahul Gandhi Chhath Puja controversy : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखीसराय में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर तक बिहार के जनजीवन में साफ़ हो जाएगा कि महागठबंधन की क्या हालत है। अमित शाह ने राहुल गांधी पर छठी मैया के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा अपमान बिहार की जनता माफ नहीं करेगी।
महागठबंधन पर आरोप-प्रत्यारोप
अमित शाह ने महागठबंधन के प्रमुख नेताओं पर भ्रष्टाचार और घोटालों के सख्त आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में बिहार में जंगलराज था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शाह ने विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनका नाम लेकर कहा कि उन्होंने छठी मैया का अपमान किया, जो लोगों की आस्था के खिलाफ है।
चुनावी माहौल
लखीसराय की जनसभा में भारी जनसैलाब था, जहां अमित शाह ने जनता से अपील की कि वे 14 नवंबर के लिए मतदान करें और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनाने में साथ दें। उन्होंने नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में विकास के लिए मोदी सरकार काम कर रही है।
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राजनीतिक चुनौतियां
अमित शाह के इस बयान ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। विपक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया है। महागठबंधन की स्थिति पर 14 नवंबर को स्पष्टता आएगी, जो बिहार चुनावों की दिशा तय करेगी। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा है और आगामी दिनों में राजनीति में और बदलाव देखने को मिलेगा।
14 नवंबर को बिहार में होने वाले चुनाव के परिणाम महागठबंधन की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करेंगे। अमित शाह की जनसभा ने चुनावी झड़पों को और तेज कर दिया है। विपक्ष की आलोचना के बीच जनता की निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब तय होगा कि बिहार की राजनीति किस दिशा में जाती है।
