Amit Shah Gwalior Visit: मध्य प्रदेश के ग्वालियर की सड़कों की चर्चा पूरे भारत में रही है. यहां की बदहाल सड़कों से जनता तो क्या शिकायत सुनने वाले भी परेशान हो चुके हैं. लेकिन रातों रात ग्वालियर की 2 सड़कें बनकर तैयार हो गई हैं. क्योंकि इन्हीं रास्तों से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुजरने वाले हैं.
Amit Shah Gwalior Visit: जिस राह से गुजरेंगे शाह वो रोड बनकर तैयार
ग्वालियर की बदहाल सड़कों ने प्रशासन की जमकर फजीहत कराई है. कई बार मंत्री सांसद के दखल के बाद भी शहर की ज्यादातर सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकी हैं, लेकिन इसके उलट केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक पहले ग्वालियर के सूर्य नमस्कार तिराहे से आकाशवाणी चौराहे तक का मुख्य मार्ग दिन रात मशीन के जरिए डामर बेस्ड रोड तैयार की जा रही है. यह वह रास्ता है जो तकरीबन हर बड़े कार्यक्रम या वीआईपी मूवमेंट के दौरान उपयोग होता ही है. अटल बिहारी का पैतृक निवास इसी रोड पर स्थित है. अगर अमित शाह श्रद्धांजलि देने पहुंचे तो इसी रोड से होकर गुजरेंगे.
Amit Shah Gwalior Visit: 280 सड़कें बदहाल, फिर भी हालात जस के तस
ग्वालियर की सड़कों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी खींचतान होती रही है। चेतकपुरी से नदी गेट तक कई सड़कें धंस गईं, कहीं गड्ढों में सुरंग तक दिखाई देने लगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के पास की सड़क धंसने के बाद प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई थी।
नेता आने से पहले जागा सिस्टम-विपक्ष
सड़कों को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा। कांग्रेस ने प्रदर्शन और रैलियां कीं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तक ने सोशल मीडिया पर ग्वालियर की सड़कों का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी के बड़े नेता के आने की वजह से ही सड़कें सुधारी जा रही हैं।
लोग हैरान, बोले- हर महीने आएं तो बाकी रोड भी बन जाए
इस रोड को बनता देख आम जन भी हैरान हैं. कृषि विश्वविद्यालय के पास से गुजर रहे राहगीर का कहना था कि, “वह पास ही में रहते हैं, लेकिन इतने समय से खराब शहर की सड़कों पर किसी का ध्यान नहीं है. पिछले 2 दिनों से कृषि विश्वविद्यालय की रोड बन रही है. क्योंकि मंत्री अमित शाह आ रहे हैं. उनके लिए ये सड़के बन रही है. ऐसे में निवेदन करेंगे कि “वे हर महीने आएं, कम से कम एक बार ग्वालियर आया करें. इस बहाने कम से कम ग्वालियर शहर की सड़कें दुरस्त होती रहेंगी.”
प्रभारी मंत्री ने किए सर्वे, सिंधिया ने लगाई थी क्लास
पहले प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट स्कूटर पर बैठ सड़कों के हालात देखने दौड़े फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाकायदा जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की क्लास लगाई थी सर्वे में पता चला था कि 280 सड़कें शहर में बदहाल हैं. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने टारगेट भी दिया कि कुछ सड़कें नवंबर अंत तक और बची हुई रोड फरवरी 2026 तक दुरुस्त हो जाएंगी, लेकिन इक्का दुक्का सड़कों को छोड़कर सभी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं.
