ट्रम्प का दावा- आसमान से बरसेगी तबाही!
America’s Airstrike on Yemen Houthis: शनिवार को अमेरिकी सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों पर जोरदार एयरस्ट्राइक की, जिसमें 31 लोगों की जान चली गई। इस हमले में न सिर्फ हूती लड़ाके, बल्कि मासूम महिलाएं और बच्चे भी शिकार बने। साथ ही, 101 लोग घायल हुए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद यह अमेरिका की पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर हूती विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए कहा, “तुम्हारा वक्त खत्म हो गया है, अब आसमान से ऐसी तबाही बरसेगी जो तुमने कभी नहीं देखी!” आखिर क्या है इस हमले की वजह और इसके पीछे की पूरी कहानी? आइए जानते हैं।
America’s Airstrike on Yemen Houthis: क्यों हुई यह कार्रवाई?
यह एयरस्ट्राइक रेड सी में अमेरिकी जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों का जवाब है। चार महीने पहले हूतियों ने रेड सी में अमेरिकी वॉरशिप्स को निशाना बनाया था। इन हमलों से अमेरिका की समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ, जिसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। रेड सी में व्यापारिक और सैन्य जहाजों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही थी।
ट्रम्प का सख्त रुख
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, “हूती आतंकियों, तुमने गलत देश से पंगा लिया। अमेरिका अब तुम पर ऐसी तबाही बरसाएगा कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।” ट्रम्प का यह बयान दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है। क्या यह अमेरिका की नई विदेश नीति का संकेत है? जानकारों का मानना है कि ट्रम्प अपने कार्यकाल में आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को प्राथमिकता दे सकते हैं।
हमले का असर
– मृतकों की संख्या: 31 (हूती विद्रोही, महिलाएं और बच्चे शामिल)
– घायल: 101
– स्थान: यमन
– कारण: रेड सी में अमेरिकी जहाजों पर हमले
इस हमले ने यमन में मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। हूती विद्रोहियों ने इसे “अमेरिकी आक्रामकता” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। क्या यह तनाव और बढ़ेगा? अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस क्षेत्र पर टिकी है।
America’s Airstrike on Yemen Houthis: क्या होगा आगे?
हूती विद्रोहियों और अमेरिका के बीच यह टकराव नया नहीं है, लेकिन ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई जरूर है। रेड सी में तनाव बढ़ने से वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ सकता है। क्या ट्रम्प की यह रणनीति हूतियों को रोक पाएगी या फिर युद्ध की आग को और भड़काएगी? आने वाले दिन इस सवाल का जवाब देंगे।
