दुर्घटना: एंबुलेंस में तेज ब्रेक से गिरी महिला और नवजात
Ambulance 108 negligence Raisen: रायसेन जिले के दीवानगंज में 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सत्ती टोला निवासी तरबीन बी को डिलीवरी के बाद भोपाल रेफर किया गया था। रास्ते में एंबुलेंस चालक द्वारा अचानक तेज ब्रेक लगाने से महिला और उसकी एक दिन की बच्ची वाहन के अंदर गिर गईं। हादसे में महिला को सिर में सात टांके आए हैं और नवजात भी घायल हुई है।
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इलाज की जगह और देरी दोनों बनीं परेशानी
परिजनों का आरोप है कि चालक ने सीधा रास्ता न लेकर गांधीनगर की ओर से अस्पताल पहुंचने में देरी की। यही नहीं, हमीदिया अस्पताल पहुंचने के बाद स्टाफ ने मां-बच्ची को भर्ती न कर स्वयं महिला को अस्पताल गेट पर बैठा दिया और मौके से चले गए। दो घंटे तक महिला खून से लथपथ वहीं बैठी रही।
स्वास्थ्य सेवा बनी जानलेवा, परिजनों का गुस्सा फूटा
पीड़ित परिजनों ने कहा कि 108 जैसी सेवा जिससे लोगों को राहत मिलनी चाहिए, अब जान के लिए खतरा बनती जा रही है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी चालक एवं स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजन यह भी कहते हैं कि दीवानगंज में दो-दो एंबुलेंस होने के बावजूद कोई उपलब्ध नहीं रहती।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर रवि राठौर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और उन्होंने 108 एंबुलेंस के कोऑर्डिनेटर के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। साथ ही भरोसा दिलाया कि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में दोहराने नहीं दिया जाएगा।
ज़रूरत: जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता
इस घटना ने सरकारी आपात सेवाओं की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह ज़रूरी है कि आम जनता को दी जाने वाली आपातकालीन सेवाएं सुरक्षित, समयबद्ध और संवेदनशील हों। प्रशासन से उम्मीद है कि इस गंभीर लापरवाही पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
Ambulance 108 negligence Raisen: रायसेन में एम्बुलेंस 108 की गंभीर लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु और उसकी माँ घायल हो गए। इस घटना से क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
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