Akhilesh Yadav message to Yogi government :समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की T.I.R पर प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में S.I.R की तर्ज पर T.I.R (Thorough Investigation Report) लाने के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस संदर्भ में कई सुझाव और सलाह दी हैं ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

जांच शुरू हो वहीं से जहाँ है जिम्मेदार
अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों की सभी बड़ी कमान मुख्यमंत्री के हाथ में होनी चाहिए जिससे जांच का असरदार और निष्पक्ष क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जांच वहीं से शुरू हो जहां का जिम्मेदार व्यक्ति मुख्यमंत्री हों। इससे जांच की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहेगी।
Akhilesh Yadav message to Yogi government: विश्वविद्यालयों की गड़बड़ियों पर सख्त नजर
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से वित्तीय अनियमितताओं, परीक्षा घोटालों, आरक्षण के उल्लंघन, मान्यता प्रक्रिया में गड़बड़ी, छात्रवृत्ति योजना में भ्रष्टाचार, फर्जी डिग्री विवाद और निजी विश्वविद्यालयों में कालेधन की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वाइस चांसलर पदों पर पर्ची के सहारे बैठे हैं, जिन्हें भी जांच के दायरे में लाना चाहिए।

निष्पक्षता और पारदर्शिता का उदाहरण
अखिलेश यादव का यह साफ संदेश है कि सरकार को इस जांच को न केवल कागजों पर बल्कि वास्तविकता में निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी रूप से लागू करना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को खत्म किया जा सके।
T.I.R लागू करने का कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह तभी सफल होगा जब इसकी शुरुआत उच्चतम स्तर से, यानी मुख्यमंत्री से हो और पूरी प्रक्रिया खुली, निष्पक्ष और जवाबदेह हो। अखिलेश यादव की सलाह ऐसे ही सुधारों की व्यावहारिकता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन है।
