4 दिन में 23 की मौत, काशी में 30 हज़ार घर डेंजर जोन में!
राजस्थान में भारी बारिश से आमानागर की झील और स्थानीय नालों में बाढ़ पैदा हो गई अजमेर का आनासागर चौपाटी इलाका पूरी तरह डूब गया, और दरगाह मुअल्ला इलाके में कई लोग तेज धार में बहते-बचाए गए।
पश्चिमोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से सक्रिय डिप्रेशन सिस्टम की वजह से जोधपुर, नागौर, पाली, अजमेर, सिरोही और जालोर सहित 6 जिलों में भारी और लगातार बारिश जारी है। अनेक इलाकों में स्थिति भयावह हो गई है घरों में पानी भर गया, लोग पहली मंजिलों पर शिफ्ट हो गए और स्कूल बंद हो गए।

चार दिन में 23 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं यूपी के काशी (वाराणसी) में गंगा-वरुणा नदियाँ उफान पर आने से लगभग 30 हज़ार घर डेंजर जोन में हैं, और लोग पलायन की तैयारी में जुटे हैं।
राजस्थान में बारिश की स्थति
- अजमेर
- आनासागर वृहत जल-स्तर पर, आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया।
- घरेलू क्षति: लोग पहली मंजिलों में शिफ्ट हो गए, कई घर जलमग्न।
- दरगाह इलाके में तेज धार में लोग बह गए हेल्प रैस्किुी टीम ने रस्सी रेस्क्यू से बचाया।
- लगातार दो दिन में लगभग 8–9 इंच बारिश हुई; चैनल गेट खोलकर जल निकासी की जा रही है।
- ड्रोन से देखें तो मध्य城区 जलमग्न, सड़के बंद, शहर भर में जाम व ढिलाई स्थिति।
- टोंक और कोटा
- मोतीसागर बांध (टोंक, दूनी तहसील) ओवरफ्लो हुआ 3,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित; खुलने से वार्षिक सिंचाई बढ़ी।
- दौसा के कच्चे बांध मोरेल ने क्षमता पार की; सुरक्षा कारणों से जल संसाधन और पुलिस सतर्क।
- अन्य जिले
- जोधपुर के अरना-झरना इलाके में युवक की डूबने से मृत्यु।
- सीकर में 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत।
- राजसमंद में तालाब फूटने के बाद 3 स्कूली छात्र सहित 7 लोग बहाव में फंस गए।
- पाली, सिरोही, नागौर से मिला-घटाए गए स्कूलों की छुट्टियाँ, 6 जिलों में बंद घोषित।
राजस्थान में बरसात इस मानसून सीजन में औसत से 109% अधिक रही है, जिसके कारण कहीं जलभराव तो कहीं बाढ़‑सी स्थिति बन गई है।

मध्य प्रदेश की स्थिति
- 16 जिलों में बाढ़ का अलर्ट ग्वालियर, छतरपुर, पन्ना, शिवपुरी प्रमुख हैं।
- शिवपुरी के स्कूल बंद, मुरैना-श्योपुर क्षेत्रों में 14 जिलों में 4 इंच से अधिक बारिश की संभावना।
- स्थिति बिगड़ने पर जल निकासी, राहत सामग्री और ऊँचे स्थानों पर रिलेफ कार्य योजना जारी।
उत्तर प्रदेश और काशी में स्थिति
- गंगा-वरुणा नदियाँ उफान पर; वाराणसी में चेतावनी स्तर से गंगा सिर्फ 72 सेमी नीचे बह रही है।
- 84 घाट जलमग्न अब पानी अस्सी घाट की सड़क तक पहुँच चुका है; दशाश्वमेध घाट चप्पल जल पुलिस चौकी में घुस गया।
- अनुमानित रूप से 30 हज़ार घर डेंजर जोन में हैं, लोग अस्थायी उँचे स्थानों पर पलायन की तैयारियों में जुट गए।
- प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में सुधार की आवश्यकता घाट डूबे, हालात चिंताजनक।
देशभर में मानसून अपडेट
- 1 जून से 16 जुलाई तक 331.9mm औसत बारिश रिकॉर्ड हुई यह मनु वर्षा (304.2mm) की तुलना में लगभग 9% अधिक है।
- हरियाणा, ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली + दमन एवं दीव में भी above-normal वर्षा।
- हैदराबाद (तेलंगाना) के उस्मानगंज में सड़कों पर जलमग्नता और ट्रैफिक अव्यवस्था पूर्ण सिस्टम यह दर्शाता है कि देशभर में मानसून का असर जारी है।
खतरे बढ़ते जा रहे हैं अगले कदम
- अतिरिक्त निगरानी: नदियों की सतह के लिए रियल‑टाइम मॉनिटरिंग की जरूरत।
- राहत कार्य: संवेदनशील ज़ोन में स्थानांतरित लोगों को प्राथमिक राहत जुटाना।
- बाढ़ नियंत्रण: बांधों की स्थिति जांचना और नियमित गेट ऑपरेशन से संतुलन बनाए रखना।
- महत्वपूर्ण निरीक्षण: अत्यधिक बरसात वाले जिलों में हाई अलर्ट जारी स्कूल, अस्पताल एवं यातायात को सुरक्षित रखना जरूरी।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रचंड बदलाव संकट की दशा में बदल रहा है। अजमेर में जलमग्नता, स्कूल बंद, दर्जनों मौतें, काशी का डेंजर ज़ोन ये सभी देश के मानसून के इस मौसम को चुनौती और चेतावनी का संकेत दे रहे हैं। समय रहते निवारक कदम उठाना, राहत‑सहायता कार्यों में तेजी लाना और लोगों को जागरूक करना ही इन आपदाओं से लड़ने का मूल हथियार है।
