राहुल गांधी का आरोप दलितों की ₹1800 करोड़ की जमीन ₹300 करोड़ में बेची गई
ajit pawar land deal controversy – rahul gandhi allegations: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा भूचाल आया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घोषणा की कि उनके बेटे पार्थ पवार से जुड़ी जिस विवादित जमीन की डील पर सवाल उठ रहे थे, उसे रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से पहले अजित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। यह मीटिंग करीब आधे घंटे चली और इसके तुरंत बाद मीडिया के सामने पवार ने डील कैंसिल करने का ऐलान किया।
राहुल गांधी का गंभीर आरोप “दलितों की जमीन लूटी गई”
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार दोनों पर हमला बोला। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा — “दलितों के लिए आरक्षित ₹1800 करोड़ की सरकारी जमीन मंत्री के बेटे की कंपनी को सिर्फ ₹300 करोड़ में दे दी गई। ऊपर से स्टांप ड्यूटी भी हटा दी गई। एक तरफ लूट, और दूसरी तरफ कानूनी छूट — यही है इनकी राजनीति।” राहुल ने कहा कि यह सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि जनता के साथ की गई खुली धोखाधड़ी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी किया जा रहा है — चाहे “वोट चोरी” हो या “जमीन चोरी।”
विवाद की जड़ पुणे की 1800 करोड़ की जमीन
पूरा विवाद पुणे के कोरेगांव पार्क इलाके की जमीन से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जमीन दलित समाज के लिए आरक्षित सरकारी संपत्ति थी।
लेकिन इसे पार्थ पवार की कंपनी को सिर्फ ₹300 करोड़ में बेच दिया गया। इतना ही नहीं — जमीन की रजिस्ट्री पर सिर्फ ₹500 रुपए की स्टांप ड्यूटी ली गई, जबकि असली कीमत अरबों में थी। रजिस्ट्रेशन इंस्पेक्टर जनरल, पुणे ने इस मामले पर एक अंतरिम रिपोर्ट तैयार की और मुंबई के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को सौंप दी। सरकार ने तुरंत हाई-लेवल जांच समिति बना दी है, जो 8 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी।
कलेक्टर-स्तर के अधिकारी सस्पेंड, जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, इस डील में कई स्तरों पर सरकारी नियमों की अनदेखी की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी को सस्पेंड भी किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। अजित पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा
यह जमीन विवाद में आई, इसलिए हमने डील तुरंत रद्द कर दी है। मैं नहीं चाहता कि किसी को हमारे परिवार के नाम पर गलत संदेश जाए।
ajit pawar land deal controversy – rahul gandhi allegations: राजनीतिक बयानबाजी तेज
कांग्रेस नेता रजनी पाटिल ने इसे “बहुत गंभीर मामला” बताया। उन्होंने कहा — “जो जमीन कभी बिकी ही नहीं थी, अब अचानक बिक गई। यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले पुणे के एचएनडी हॉस्टल का मुद्दा भी ऐसा ही था। अब समय आ गया है कि इन सब पर सख्त कार्रवाई हो।” वहीं, एनसीपी नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने अजित पवार का समर्थन किया और कहा कि “साफ-सुथरी जांच से सच सामने आएगा।”
Read More:- जब ज़िंदगी ने गिराया… तभी सीखा उठना वो सच्ची कहानी जो दिल छू जाए
