Ajinomoto Side Effects: अजीनोमोटो, जिसे मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) भी कहा जाता है, जिसे अक्सर चाइनीज व्यंजनों, इंस्टैंट नूडल्स, सूप, प्रोसेस्ड फूड और रेडी-टू-ईट आइटम्स में डाला जाता है। यह सफेद रंग का क्रिस्टल नमक जैसा पदार्थ होता है जो खाने के स्वाद को और उमामी फ्लेवर को बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। हालांकि, स्वाद बढ़ाने वाला यह यौगिक सेहत के लिए कई मामलों में नुकसानदेह साबित हो सकता है। खासकर जब इसका नियमित या अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाए।
Read More: International Yoga Day 2025: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज, जानिए कब से हुई इस दिन की शुरुआत…
शरीर में पानी रोककर वजन बढ़ाएं
अजीनोमोटो में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में फ्लूइड रिटेंशन यानी पानी को रोकने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है। इससे वजन बढ़ने लगता है और मोटापे की समस्या पैदा हो सकती है। साथ ही यह भूख को असामान्य रूप से बढ़ा सकता है, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं और यह आदत आगे चलकर ओवरईटिंग और कैलोरी ओवरलोड का कारण बनती है।

मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द…
MSG का अत्यधिक सेवन शरीर में सोडियम की मात्रा को असंतुलित कर देता है, जिससे मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है। कुछ लोगों को इसके सेवन से पेट में जलन, एसिडिटी और गैस की समस्या भी हो जाती है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से जोड़ों में अकड़न और सूजन की शिकायत बढ़ सकती है।
माइग्रेन और सिरदर्द की मुख्य वजह…
MSG शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति उत्पन्न करता है। इससे थकान, चक्कर आना और सिर में तेज दर्द यानी माइग्रेन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कई रिसर्च में यह भी सामने आया है कि MSG मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर पर असर डालता है, जिससे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और नींद में गड़बड़ी जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक…
गर्भावस्था के दौरान अजीनोमोटो का सेवन खासतौर पर हानिकारक माना गया है। इसमें मौजूद हाई लेवल सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, जिससे प्रेग्नेंसी हाई रिस्क बन सकती है। इसके अलावा अजीनोमोटो शिशु के दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में गर्भपात तक की आशंका को बढ़ाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को चाइनीज या प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

MSG सिंड्रोम: एक खतरनाक प्रतिक्रिया…
MSG से कुछ लोगों को एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया होती है जिसे “MSG सिंड्रोम” या “Chinese Restaurant Syndrome” भी कहा जाता है। इसके लक्षणों में सिरदर्द, चेहरे या गर्दन पर जलन, तेज धड़कन, घबराहट, और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। यह समस्या MSG की थोड़ी सी मात्रा से भी शुरू हो सकती है, खासकर उन लोगों में जो इसके प्रति संवेदनशील होते हैं।
किन उत्पादों में होता है MSG?
MSG या अजीनोमोटो सिर्फ चाइनीज खाना ही नहीं, बल्कि कई प्रोसेस्ड और पैक्ड खाद्य पदार्थों में भी डाला जाता है। जैसे:
1. इंस्टैंट नूडल्स (जैसे मैगी)
2. रेडी टू ईट मसाले
3. चिप्स और नमकीन
4. पैक्ड सूप्स
5. फ्रोजन फूड्स
6. टेस्टी मसाला और वेज मंचूरियन मिक्स
इनमें अक्सर “Flavour Enhancer (E621)” या “INS 621” लिखा होता है, जो अजीनोमोटो का संकेत होता है।
सुरक्षित मात्रा क्या है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने MSG को सीमित मात्रा में सुरक्षित माना है। लेकिन वे यह भी मानते हैं कि कुछ लोग इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और उनके लिए इसका असर गंभीर हो सकता है। इसलिए, अगर किसी को बार-बार MSG खाने के बाद कोई लक्षण महसूस हों, तो तुरंत इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।

क्या हैं बेहतर विकल्प?
स्वाद बढ़ाने के लिए अजीनोमोटो की जगह आप प्राकृतिक चीजों का उपयोग कर सकते हैं। जैसे –
1. अदरक, लहसुन, धनिया और तुलसी
2. नींबू और दही
3. देसी मसाले जैसे गरम मसाला, काली मिर्च, जीरा
4. हर्ब्स जैसे ऑरिगेनो, थाइम, रोजमेरी
ये विकल्प न केवल स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर को पोषण भी देते हैं।
