
air taxi india launch 2028: कुछ योजना के अनुसार चला, तो साल 2028 से दिल्ली और एनसीआर में एयर टैक्सी उड़ान भरना शुरू कर देंगी। नलवा एयरो नामक एक भारतीय स्टार्टअप ने ऐसी एयर टैक्सी विकसित की है, जो इलेक्ट्रिक पावर पर उड़ान भरती है और हेलिकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उठती है व कहीं भी उतर सकती है।
Read More :-30 की उम्र के बाद जो सच सामने आता है: वो कोई नहीं बताता, पढ़िए दिल छू लेने वाली कहानी
यह सुविधा शुरुआत में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नोएडा, गाजियाबाद, आनंद विहार और पानीपत जैसे इलाकों तक मिलेगी। सड़क से जहां इन जगहों तक पहुंचने में 1 से 3 घंटे लगते हैं, वहीं यह एयर टैक्सी सिर्फ 10 से 12 मिनट में सफर तय कर लेगी। और इसकी कीमत? महज ₹500 से शुरू।
air taxi india launch 2028: कैसे काम करेगी यह एयर टैक्सी?
यह तकनीक EVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing पर आधारित है। इसमें 8 रोटर सिस्टम हैं। अगर इनमें से दो फेल भी हो जाएं, तो भी यह सुरक्षित तरीके से लैंड कर सकती है।
नलवा एयरो के CEO कुलजीत सिंह संधू बताते हैं कि एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप जल्द तैयार होगा। इसमें एक बार चार्ज करने पर 300 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता है। हाइड्रोजन फ्यूल वर्जन की रेंज 800 किलोमीटर तक होगी।
ये सिर्फ टैक्सी नहीं है
नलवा एयरो तीन मॉडल तैयार कर रही है
- यात्री एयर टैक्सी (5–7 सीटर)
- एयर एम्बुलेंस (2 स्ट्रेचर वाला)
- कार्गो वर्जन
भविष्य में एयर टूरिज्म, मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं और डिफेंस सर्विलांस में भी इसका उपयोग किया जाएगा।
air taxi india launch 2028: क्या होगी खासियत?
- जीरो कार्बन इमीशन: न पेट्रोल, न डीज़ल, सिर्फ बिजली या हाइड्रोजन से चलेगी।
- कम आवाज, कम खर्च: हेलिकॉप्टर से 10 गुना शांत और 90% सस्ती।
- बिना रनवे टेकऑफ और लैंडिंग: मेट्रो स्टेशन, बिल्डिंग की छत पर भी लैंड हो सकती है।
- पायलट और ऑटोनॉमस दोनों विकल्प: शुरुआत में पायलट आधारित उड़ान, 3 साल बाद बिना पायलट भी संभव।
- हजारों नौकरियां: पायलट ट्रेनिंग, चार्जिंग स्टेशन्स और मेंटेनेंस में रोजगार की संभावनाएं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है
सरकार 1000 हेलीपैड्स विकसित कर रही है जो एयर टैक्सी के वर्टिपोर्ट के तौर पर काम आएंगे। इसके लिए सिर्फ 12×12 मीटर जगह चाहिए, जबकि हेलिकॉप्टर को 20×25 मीटर।
Read More:- बस एक गलती…और पूरी ज़िंदगी पछताना पड़ा, जानिए क्यों रिश्तों को समझना सबसे ज़रूरी है
