Crude Oil Rises : कच्चा तेल के दाम 10% चढ़े, जानें आप पर क्या असर होगा
Crude Oil Rises : आम आदमी की जेब पर इस तनाव का क्या असर होगा? क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाएंगे और शेयर बाजार गिर जाएगा?
🌍 क्रूड ऑयल की कीमतें क्यों उछली?
– कारण: इजराइल ने 12 जून को ईरान के चार परमाणु ठिकानों पर हमला किया, जिससे तेल सप्लाई के बड़े मार्ग—विशेषकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़— में ख़तरा मंडराया गया।
– क्यों अहम: ईरान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक है और होर्मुज़ से लगभग 20% ग्लोबल तेल गुजरता है। इसकी सप्लाई बाधित हुई तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भूँचाल आया ।
🛢️ कीमतों में कितना उछाल?
- ब्रेंट क्रूड लगभग 11% बढ़कर $77–78 प्रति बैरल पहुंच गया—सबसे बड़ा एक दिन का उछाल|
- WTI भी इसी क़रार में $74–75 के आसपास ट्रेंड कर रहा है ।
🛍️ आम आदमी की जेब पर असर?
- अगर ये उंचाई जारी रही, तो OIL कंपनियां पेट्रोल-डीज़ल की फ़्यूचर रेट बढ़ा सकती हैं।
- इसका असर: ट्रांसपोर्ट, खाद्य एवं अन्य वस्तुओं की कीमत बढ़ना—मतलब महँगाई में इज़ाफ़ा।
- इंडस्ट्री में भी उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे बेहरी कंपनियों के मुनाफ़े कम हो सकते हैं।
📉 शेयर बाज़ार में गिरावट क्यों का डर?
- तेल महँगा = महँगाई बढ़ेगी = खर्च बढ़ेगा = कंपनियों के लाभ कम होंगे।
- यही डर शेयर बाज़ार में दिखा—भारत में OMCs जैसे IOC, BPCL के शेयर 6% तक ढह गए।
- सेंसेक्स–निफ्टी में भी लगभग 1–1.5% की गिरावट आई ।
- अन्य एशियाई बाज़ार: निक्केई 225 –1.3%, हैंग सेंग –0.7% गिरा है ।
इजराइल ने हमला क्यों किया?
- नेतन्याहू का कहना है ये था एक “प्री‑एम्प्टिव स्ट्राइक”—यानी समय रहते ख़तरा रोकने के उद्देश्य से।
- उनका दावा: इरान हथियार‑ग्रेड यूरेनियम, बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु वैज्ञानिकों के संपर्क में था—इसलिए इन्हें टार्गेट कर दिया गया।
- IRGC चीफ हुसैन सलामी सहित, दो परमाणु वैज्ञानिकों की मौत रात के हमले में दर्ज हुई है ।
🌐दुनिया की प्रतिक्रिया:
- अमेरिका ने दूरी बनाई, राष्ट्रपति ट्रम्प ने युद्ध से मना किया ।
- सऊदी अरब का कहना है कि उनकी तेल पाइपलाइनों के चलते अगर होर्मुज़ ब्लॉक हुआ तो तेल आपूर्ति बनी रहेगी ।
- चीन, इरान का मुख्य खरीदार, जिसके तेल रिज़र्व कुछ हफ़्तों तक स्थिर रख सकता है ।
⛽इरान की जवाबी कार्रवाई का असर?
- इरान ने पहले ही 100+ ड्रोन भेजे हैं—जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को ब्लॉक कर सकते हैं ।
- अगर ऐसा हुआ, तो ब्रेंट $100+, और WTI $95+ तक जा सकता है ।
🔮आगे क्या होने की आशा?
- यदि बातचीत हुई, तो बाजार स्थिर हो सकता है।
- लेकिन, विस्तृत सैन्य टकराव बढ़ा तो तेल सप्लाई प्रभावित होगी, महँगाई और बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव होगा।
🧠विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
- MST मार्क की सॉल कावोनिक: “अभी सप्लाई बाधित नहीं हुई, यह डर से उछाल है।”
- क्रिस्टोफर वॉन्ग (ओवरसी-चाइनीज़ बैंकिंग): “डॉलर, स्विस फ्रैंक, येन और सोने की माँग बढ़ी; जोखिम मुद्रा कमजोर हुईं”—suggesting short-term volatility।
💰 वित्तीय बाज़ार पर ताज़ा तस्वीर:
- 🌍 global oil surge:
- 💹 OMC शेयर गिरावट: IOC, BPCL –6%.
- 📉 Rupee: कमजोर होकर ₹86.20/US$, RBI ने हस्तक्षेप किया
✅ बाज़ार में गिरावट
- शुरुआती उछाल डर और संभावित सप्लाई रुकावट की वजह से।
- आम आदमी की जेब पर असर: पेट्रोल‑डीज़ल, खाद्य, ट्रांसपोर्ट महँगे।
- बाज़ार में गिरावट और शेयर निवेशकों के लिए झटका।
- आगे सब कुछ इरान की अगली चाल और रक्षा रूटों की स्थिति पर निर्भर करेगा।
💭 आपकी राय?
- क्या पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों से आप चिंतित हैं?
- क्या आप समझते हैं कि सरकार इसमें कुछ कर सकती है?
नीचे कमेंट में अपनी राय ज़रूर साझा करें।
Read More :- Tata compensation plane crash victims : प्लेन हादसे के बाद टाटा संस का बड़ा ऐलान, हर पीड़ित परिवार को मिलेगा 1 करोड़ रूपए मुआवजा
Watch Now :- भोपाल में तूफान से हाहाकार, ऊर्जा मंत्री के दावों पर उठे सवाल!
