सांसद बोले- जान बच गई

सोचिए, आप एक लंबी यात्रा पर निकले हों, बैठ चुके हों विमान में, सीट बेल्ट बांध चुके हों और अचानक ऐसा झटका लगे कि दिल दहल जाए।कुछ ऐसा ही हुआ 18 अगस्त की रात को जब कोच्चि से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI504 रनवे पर टेकऑफ से ठीक पहले अचानक रुक गई। विमान में मौजूद यात्रियों के मुताबिक, एक जोरदार झटका महसूस हुआ मानो विमान फिसल गया हो। उस पल की घबराहट और डर को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
ऐसा लगा जैसे प्लेन रनवे पर फिसल गया
एर्नाकुलम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद हिबी ईडन, जो उसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे, उन्होंने इस अनुभव को फेसबुक पोस्ट में साझा करते हुए लिखा, “कुछ तो अजीब था विमान में… लगा जैसे रनवे पर फिसल गया।” उनकी इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। उन्होंने रनवे की एक तस्वीर भी साझा की, जिससे साफ था कि यह कोई मामूली तकनीकी खराबी नहीं थी।
तकनीकी खराबी और फ्लाइट कैंसिल
कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) और एअर इंडिया दोनों ने पुष्टि की कि टेकऑफ के दौरान तकनीकी खराबी के चलते पायलट ने विमान रोक दिया और उड़ान रद्द कर दी गई। एअर इंडिया की तरफ से कहा गया कि कॉकपिट क्रू ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह निर्णय लिया, जिससे यात्रियों की जान बच सकी।

AI504 फ्लाइट को एयरबस A321 विमान से ऑपरेट किया जा रहा था। हालांकि, कितने यात्री सवार थे यह जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। एअर इंडिया ने वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करने की बात कही है, लेकिन यात्रियों की रात उस डर के साथ ही बीती।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ये पहली बार नहीं है जब एअर इंडिया इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों के चलते चर्चा में आई हो। कुछ ही दिन पहले, मिलान-दिल्ली फ्लाइट टेकऑफ से पहले पुशबैक के दौरान खराबी के चलते रद्द कर दी गई थी।
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3 अगस्त को एअर इंडिया की दो फ्लाइट्स सिंगापुर से चेन्नई और भुवनेश्वर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट दोनों तकनीकी कारणों से उड़ान नहीं भर सकीं।
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12 जून को अहमदाबाद में हुई भयावह दुर्घटना जिसमें लंदन जा रही फ्लाइट क्रैश हो गई थी और 270 लोग मारे गए थे, वह घटना आज भी यात्रियों के मन में डर पैदा करती है।
DGCA ऑडिट में सामने आईं 100 गड़बड़ियां
इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) के ऑडिट में एअर इंडिया से जुड़ी 100 से ज्यादा खामियां सामने आई हैं। इनमें से 7 गड़बड़ियां ‘लेवल-1’ यानी सबसे गंभीर श्रेणी की हैं।
इन खामियों में शामिल हैं पायलट्स और क्रू की ट्रेनिंग में कमी, आराम और ड्यूटी के नियमों का उल्लंघन, टेकऑफ और लैंडिंग के मानकों में चूक DGCA ने एअर इंडिया को इन्हें जुलाई-अगस्त के बीच सुधारने का निर्देश दिया है। एयरलाइन ने इन खामियों को स्वीकार किया है और वादा किया है कि जल्द सुधार किया जाएगा।
एक सवाल क्या हम सुरक्षित हैं?
हर बार जब हम विमान में चढ़ते हैं, एक भरोसा लेकर बैठते हैं कि हमारी यात्रा सुरक्षित होगी। लेकिन जब ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं वो भी देश की सबसे पुरानी एयरलाइन से जुड़ी हुई तो यह भरोसा हिलने लगता है।
एअर इंडिया अब टाटा ग्रुप के अधीन है और उससे लोगों की उम्मीदें भी काफी अधिक हैं। लेकिन तकनीकी खराबियों, देरी, खराब सर्विस और अब सुरक्षा में चूक जैसे मुद्दे इस छवि को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। फ्लाइट AI504 की यह घटना सिर्फ एक टेक्निकल फेल्योर नहीं थी, बल्कि एक चेतावनी है यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
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