दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा अलर्ट: 160 यात्रियों की सांसें अटकी
बुधवार शाम दिल्ली एयरपोर्ट पर उस वक्त हलचल मच गई जब मुंबई जाने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में टेकऑफ से पहले तकनीकी समस्या सामने आई। प्लेन में सवार 160 यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उड़ान रोक दी गई। एयरलाइन ने बताया कि यह छोटी तकनीकी खराबी थी, लेकिन पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत टेकऑफ टाल दिया। यात्रियों को बिना देरी किए दूसरी फ्लाइट से मुंबई रवाना कर दिया गया।
स्पीड इंडिकेटर में आई गड़बड़ी: उड़ान से पहले चेतावनी
एएनआई सूत्रों के अनुसार, पायलट को कॉकपिट में स्पीड दिखाने वाली स्क्रीन यानी स्पीड इंडिकेटर बंद मिला। यह एक क्रिटिकल सेफ्टी सिस्टम होता है, जिससे पायलट को उड़ान के दौरान स्पीड, एल्टीट्यूड और एयर प्रेशर जैसे अहम संकेत मिलते हैं। इस गड़बड़ी के बाद पायलट ने तय किया कि टेकऑफ को रोक देना ही सबसे सुरक्षित फैसला होगा। एयरलाइन की तरफ से कहा गया
यात्रियों की सुरक्षा हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इंडिगो फ्लाइट में भी टेकऑफ से पहले इंजन में आग
ठीक इसी दिन सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एक और बड़ा हादसा टला। इंडिगो की ATR76 फ्लाइट जो दीव के लिए रवाना हो रही थी, उसके इंजन में आग लग गई। फ्लाइट में करीब 60 यात्री सवार थे पायलट ने इमरजेंसी ‘मेडे’ कॉल भेजकर टेकऑफ रोक दिया सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया घटना की जांच जारी है
क्या होता है ‘मेडे’ कॉल और कब भेजा जाता है?
‘MAYDAY’ एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी सिग्नल है जो पायलट किसी भी जिंदगी को खतरे में डालने वाली स्थिति में भेजते हैं।
यह शब्द फ्रेंच भाषा के ‘m’aider’ से आया है, जिसका मतलब होता है — “मुझे बचाओ”।
MAYDAY कॉल अक्सर रेडियो के ज़रिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) या आसपास मौजूद अन्य विमानों को भेजी जाती है ताकि
- मदद तुरंत पहुंचाई जा सके
- रनवे पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम तैयार हो जाए
- अन्य विमानों को भी सतर्क किया जा सके
यात्रियों के लिए क्या सबक?
इन घटनाओं से साफ है कि टेक्नोलॉजी के भरोसे उड़ानें जितनी आसान हुई हैं, सेफ्टी प्रोसेस उतने ही ज़रूरी बन गए हैं।
पायलट की सतर्कता, फ्लाइट क्रू की त्वरित प्रतिक्रिया और एयरलाइनों की सुरक्षा प्राथमिकता ही यात्रियों की जान बचाती है।
एक दिन में दो बड़े फ्लाइट अलर्ट — एक दिल्ली से मुंबई जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी खराबी, और दूसरा अहमदाबाद में टेकऑफ से पहले इंजन में आग। दोनों ही घटनाएं दर्शाती हैं कि फ्लाइट सुरक्षा में कोई भी चूक जानलेवा हो सकती है। सौभाग्य से दोनों मामलों में किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन ये घटनाएं भारतीय एविएशन सेक्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर देती हैं।
Read More:-PM मोदी की राजनीतिक यात्रा: मोदी ने इंदिरा गांधी का 48 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा!
Watch Now :- गाजीपुर में मिला तैरता हुआ ‘#रामशिला’ पत्थर! देखें #रहस्यमयी वीडियो
