
घटना की पुष्टि वाराणसी की फूलपुर पुलिस ने की है। सभी संदिग्धों से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यात्री एक ग्रुप में यात्रा कर रहे थे, और इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। पुलिस और CISF की टीम जांच कर रही है कि पासकोड कैसे पता चला और क्या यह कोई सुनियोजित प्रयास था।
कैप्टन की सतर्कता ने बचाई जानें
कैप्टन की त्वरित सोच और सतर्कता ने संभावित खतरे को टाल दिया। पासकोड सही होने के बावजूद, उन्होंने दरवाजा नहीं खोला और ATC को सूचना दी। एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “एक यात्री शौचालय की तलाश में कॉकपिट प्रवेश क्षेत्र में पहुंच गया था। हम पुष्टि करते हैं कि मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हैं और उनसे कोई समझौता नहीं किया गया। संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई थी, और जांच जारी है।” प्रवक्ता ने यह भी आश्वासन दिया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, कॉकपिट दरवाजे पर पासकोड सिस्टम 9/11 हमलों के बाद मजबूत किया गया था। यह घटना दर्शाती है कि ऐसे प्रोटोकॉल कितने महत्वपूर्ण हैं। अगर दरवाजा खुल जाता, तो स्थिति भयावह हो सकती थी।

Air India Express Hijack Attempt: जांच और आगे की कार्रवाई
CISF और पुलिस की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच कर रही है। संदिग्धों के बैकग्राउंड, यात्रा उद्देश्य और पासकोड कैसे पता चला, इन पर फोकस है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं फॉलो की गईं, और कोई सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ। विमानन मंत्रालय भी इस पर नजर रखे हुए है।
यह घटना विमानन सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है। हाल के वर्षों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जहां असंतुलित यात्री क्रू पर हमला करते हैं। DGCA ने एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकेंगी।
