पार्टी का वायरल डांस वीडियो से मचा बवाल, सोशल मीडिया पर गुस्सा फूटा
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही Air India की फ्लाइट AI-171 हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 270 लोगों की जान चली गई थी। अभी इस हादसे के ज़ख्म ताज़ा ही थे कि 8 दिन बाद एअर इंडिया के कुछ कर्मचारियों का पार्टी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया।
वायरल हुआ कर्मचारियों का डांस वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में Air India के ग्राउंड हैंडलिंग वेंचर AISATS (Air India SATS) के चार कर्मचारी गुरुग्राम ऑफिस में पार्टी करते और डांस करते नज़र आ रहे हैं। ये पार्टी 20 जून को हुई थी—यानी उस भीषण हादसे के ठीक 8 दिन बाद।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सवाल उठाया कि जब देश शोक में डूबा है, तब Air India के कर्मचारी जश्न कैसे मना सकते हैं?
कंपनी की सख्त कार्रवाई: 4 कर्मचारियों से इस्तीफा लिया गया
Air India ने इस वायरल वीडियो पर तुरंत संज्ञान लिया और AISATS के चार कर्मचारियों से इस्तीफा मांग लिया। शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में एयरलाइन ने कहा:
“हम अहमदाबाद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। वायरल वीडियो में कर्मचारियों का व्यवहार हमारी पॉलिसी और मूल्यों के खिलाफ है। जिम्मेदार कर्मचारियों पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।”
हादसे की पूरी जानकारी: 270 की मौत, 1 चमत्कारिक रूप से बचा
12 जून को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से टेकऑफ के कुछ मिनटों बाद ही फ्लाइट AI-171 एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई। हादसे में 241 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स सहित कुल 270 लोगों की मौत हो गई। एक यात्री इस भीषण दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से बच गया।
मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। मृतकों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक थे। हादसे के समय विमान 200 फीट की ऊंचाई पर था।
DGCA की सख्त कार्रवाई: 3 अधिकारी हटाए गए
DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने हादसे के बाद एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया।
- डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट चूड़ा सिंह
- क्रू शेड्यूलिंग की चीफ मैनेजर पिंकी मित्तल
- क्रू प्लानिंग की अफसर पायल अरोड़ा
इन पर एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप था। DGCA ने कहा कि इनकी लापरवाही की वजह से क्रू मैनेजमेंट में भारी गड़बड़ी हुई, जो हादसे की एक वजह हो सकती है।
मेडे कॉल भेजा गया था
फ्लाइटरडार24 और DGCA की रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान ने टेकऑफ के तुरंत बाद ‘मेडे कॉल’ (आपातकालीन संदेश) भेजा था। मगर कुछ ही सेकंड्स बाद उसका संपर्क टूट गया। अंतिम सिग्नल विमान से 625 फीट की ऊंचाई पर मिला था।
पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे का उड़ान अनुभव था।
251 शवों की पहचान, 245 परिवारों को सौंपे गए
अब तक 251 मृतकों की DNA से पहचान हो चुकी है और 245 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। यह हादसा भारत के इतिहास में सबसे घातक विमान दुर्घटनाओं में से एक बन चुका है।
