Aim to make Madhya Pradesh the Milk Capital: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को देश की “मिल्क कैपिटल” बनाने का लक्ष्य तय कर लिया है.
इसके लिए राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है…

Aim to make Madhya Pradesh the Milk Capital : “डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना”
इसी कड़ी में सरकार ने “डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना” शुरू की गई है, जिसे प्रदेश में डेयरी क्रांति की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है.

इसको लेकर CM डॉ मोहन यादव ने कहा की आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव गांवों और पशुपालकों की मजबूती से ही रखी जा सकती है.
इस योजना के जरिए सरकार का फोकस ग्रामीण युवाओं, किसानों और पशुपालकों को स्थायी रोजगार और नियमित आय से जोड़ना है..
और साथ ही आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित कर लोग अपने व्यवसाय को व्यावसायिक और लाभकारी बना सकेंगे.
Aim to make Madhya Pradesh the Milk Capital : प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी

इस साल 828 से ज्यादा हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत एक हितग्राही को 25 दुधारू पशुओं की एक डेयरी इकाई स्थापित करने का अवसर मिलेगा.
200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी शुरू
और इच्छुक पशुपालक अधिकतम 8 इकाइयां यानी 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी शुरू कर सकते हैं.
बता दें की प्रति इकाई के लिए कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना जरूरी रखा गया है, ताकि पशुओं के रहने, चारे और संचालन की व्यवस्था सुचारू रह सके..
पहले आओ-पहले पाओ
सब्सिडी की बात करें तो अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अन्य वर्गों को 25 प्रतिशत तक की सहायता मिलेगी.
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन हैं और सामान्य तौर पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर लाभ दिया जाएगा.
जो पशुपालक पहले से दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को दूध की आपूर्ति कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.
आवेदन के लिए ये प्रमाण पत्र जरूरी
आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जरूरी होंगे.
अग्रणी डेयरी राज्यों में शामिल होगा
कामधेनु योजना के जरिए सरकार को उम्मीद है कि दुग्ध उत्पादन में तेजी आएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी डेयरी राज्यों में शामिल होगा।
READ MORE: कुर्सी पर पैर पसारकर सो गए मास्टर साहब, VIDEO VIRAL
