ahmedabad aircraft blackbox data recovered: 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास फ्लाइट AI‑171 के क्रैश के बाद अब एक बड़ी सफलता मिली है. एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान का ब्लैक बॉक्स डेटा पूरी तरह से रिकवर कर लिया गया है।
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ahmedabad aircraft blackbox data recovered: ब्लैक बॉक्स डेटा रिकवर—क्या हुआ?
- CVR और DFDR पर डेटा डाउनलोड: सरकारी बयान में बताया गया कि ब्लैक बॉक्स के दोनों रिकॉर्डर—कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR)—से हादसे के समय की बातचीत, तकनीकी जानकारी और सिस्टम अलर्ट रिकॉर्ड हो चुके हैं।
- मेमोरी मॉड्यूल भी एक्सेस हुआ जिससे जांच एजेंसी सटीक कारणों की गहराई में जा सकती है।
AAIB जांच टीम करेगी गहराई से विश्लेषण
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) अब डेटा एनालिसिस शुरू करेगा। इसमें पायलट की वॉयस, एयरस्पीड, ऊँचाई, इंजन स्थिति जैसी सभी जानकारी मिलेगी। इससे पता चलेगा कि क्रैश टेकऑफ के दो मिनट के भीतर क्यों हुआ।

नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू पहले ही कह चुके थे कि यह डेटा विदेश नहीं भेजा जाएगा—पूरी जांच देश में ही होगी। यह पुष्टि 24 जून को हुई थी।
ब्लैक बॉक्स कैसे बरामद किए गए?
- पहला रिकॉर्डर मिला था 13 जून को, और दूसरा मिला 16 जून को।
- इन रिकॉर्डर्स में हादसे के समय का पूरा तकनीकी और वॉयस डेटा सुरक्षित है।
क्रैश का दर्दनाक सच—क्या हुआ AI‑171 फ्लाइट से?
- फ्लाइट AI‑171 दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ हुई, और मात्र 42 सेकंड बाद 200 फीट की ऊँचाई पर क्रैश हो गई।
- इसमें 241 यात्री और चालक दल की जान गई, और एक यात्री केवल चमत्कारिक रूप में बचा।
- कुल 270 लोग हादसे में शामिल थे।
ब्लैक बॉक्स—क्या होता है?
- कोकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): पायलटों की बातचीत और चेतावनियाँ रिकॉर्ड करता है।
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): स्पीड, अल्टीट्यूड, इंजन डेटा, वायुमंडलीय रीडिंग्स आदि रिकॉर्ड करता है।
- दिखने में यह नारंगी, बॉक्स जैसा नहीं होता—बल्कि यह गोल या बेलनाकार होता है।

ब्लैक बॉक्स से जुड़े प्रमुख 6 सवाल-जवाब:
- कहां रहता है यह? विमान की टेल सेक्शन—सबसे सुरक्षित हिस्सा।
- यह कितना सहन कर सकता है? 1100°C तापमान और 14,000 फीट की पानी की गहराई।
- भौतिक रूप में कैसा दिखता है? चमकीले नारंगी रंग का, जिससे मलबे में मिलना आसान हो।
- कभी खो जाता है क्या? दुर्लभ—एयर फ्रांस 447 को 699 दिन में मिला, मलेशिया एयरलाइंस 370 अभी भी गायब।
- इसे कैसे खोजते हैं? पानी में बीकन भेजता है; जमीन पर रंग और GPS मददगार।
- भारत में जांच कहां होगी? दिल्ली की DFDR/CVR लैब में, एक्सपेरिमेंटल और फॉरेंसिक तपास होती है।
शवों की पहचान: DNA का इस्तेमाल
- दुर्घटना में 251 शवों का DNA मिलान किया गया, जिनमें से 245 शव लौटाए गए हैं।
- पैबंद तीन शव ब्रिटेन में रहने वाले परिवारों से संबंधित हैं—उनकी पहचान जारी है।
अहमदाबाद क्रैश की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। ब्लैक बॉक्स और मेमोरी मॉड्यूल से मिलने वाला डेटा संघटनात्मक कारणों की कुंजी है। इससे पता चलेगा कि क्या तकनीकी खराबी थी, क्या पाइलट चीच थे, या कट्टर मौसम ने उड़ान को प्रभावित किया।
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