Agriculture News: गिर-सोमनाथ जिले के धोकड़वा गांव के समीप रावल नदी पर एक पुनर्भरण (वीयर) बांध बनाने की परियोजना को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹43 करोड़ से अधिक है और इसका उद्देश्य धोकड़वा सहित आसपास के गांवों में पेयजल और सिंचाई दोनों के स्रोत सुनिश्चित करना है।

Agriculture News: अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उजागर किया
रावल नदी चिखलकुबा गांव से निकलती है और धोकड़वा से होते हुए समुद्र तक जाती है। चूंकि नदी पर पर्याप्त चेक डैम नहीं हैं, बारिश का पानी समुद्र तक बह जाता है, जिससे स्थानीय किसान और ग्रामीण पानी की कमी से जूझते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए विधायक कालूभाई राठौड़ और जिला पंचायत कार्यकारी अध्यक्ष डायाभाई जलोधरा ने सरकार को विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने गांवों जैसे नागड़िया, बेड़िया, सणोसरी और मोतीसर में गर्मियों में पेयजल समस्या और कृषि में पानी की कमी सहित अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उजागर किया।
Agriculture News: जमीन की नमी बनी रहेगी
प्रस्तुति के बाद सरकार ने रावल नदी पर सर्वेक्षण करवाया और धोकड़वा पुनर्भरण योजना को प्रशासनिक मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत बनाए जाने वाले वीयर बांध से बारिश का पानी रोक कर उसका भराव किया जाएगा, जिससे हजारों बीघा कृषि योग्य भूमि में पानी उपलब्ध हो सकेगा, जमीन की नमी बनी रहेगी और इलाके में हरियाली बढ़ेगी।
Agriculture News: भूमिका के चलते यह परियोजना स्वीकृत हुई
जिन स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों का सरकार द्वारा नाम लिया गया है.जैसे हरेशभाई बलदानिया (नागड़िया), दुलाभाई गुज्जर (धोकड़वा), सुरेशभाई हाडिया (बेड़िया), भीखाभाई किडेचा और कांँतिभाई मालवी (मोतीसर) उन्होंने सांसद और विधायक से मिलकर बांध परियोजना का प्रस्ताव रखा था। विधायक राठौड़ की निरंतर पहल और क्षेत्रीय नेताओं की सक्रिय भूमिका के चलते यह परियोजना स्वीकृत हुई।
Agriculture News: जल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही
इस सूक्ष्म जल संचयन उपाय से केवल कृषि भूमि को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि ग्रामीण समुदाय के सार्वजनिक स्वास्थ्य, पेयजल व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल जिले के विकास और जल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अनुमोदन जैसे प्रक्रियाओं के लिए निर्देशित किया गया
सरकार ने अभी तक परियोजना से संबंधित प्रारंभिक सर्वेक्षण पूर्ण करवाया है और अब निर्माण प्रक्रिया को प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को कार्यान्वयन के लिए आवश्यक बजट, निर्माण अनुबंध और पर्यावरण अनुमोदन जैसे प्रक्रियाओं के लिए निर्देशित किया गया है।
इस प्रकार, धोकड़वा क्षेत्र में रावल नदी पर बनने वाला यह वीयर बांध योजना राज्य सरकार की निरंतर विकास दृष्टि को प्रतिबिंबित करती है। यह परियोजना स्थानीय ग्रामीण और कृषि समुदाय के लिए जल उपलब्धता तथा आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
