Agar-Malwa News: आगर-मालवा जिले के ताखला गांव में सरपंच पद पर चयनित महिला का जाति प्रमाण-पत्र अब विवादों में घिर गया है। वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में नलखेड़ा विकासखंड की ताखला ग्राम पंचायत का सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित था, जिस आधार पर एक महिला को चुना गया। लेकिन अब यह सवाल उठने लगे हैं कि सरपंच द्वारा प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाण-पत्र महाराष्ट्र राज्य का है, जो मध्य प्रदेश में मान्य नहीं होता।

Agar-Malwa News: सरपंच मूल रूप से महाराष्ट्र की निवासी हैं
Agar-Malwa News: ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच मूल रूप से महाराष्ट्र की निवासी हैं और वहीं से उन्हें 2010 में ‘भील’ जाति का प्रमाण-पत्र मिला था। आरोप यह भी है कि नामांकन के समय महिला ने निर्वाचन अधिकारी को शपथ पत्र देकर बताया था कि उनके पास वर्तमान में कोई वैध जाति प्रमाण-पत्र नहीं है, जबकि उनके पास पुराना महाराष्ट्र का दस्तावेज था। इसके अतिरिक्त, महिला ने ग्राम ताखला के एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति से विवाह किया है, जिससे ग्रामीण उनके अनुसूचित जनजाति वर्ग के तहत चयन को अनुचित मान रहे हैं।
Agar-Malwa News: सभी आवश्यक दस्तावेज चुनाव के समय प्रस्तुत किए
वहीं, सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र का कहना है कि सभी आवश्यक दस्तावेज चुनाव के समय प्रस्तुत किए गए थे और सरपंच मूल रूप से ताखला गांव की ही निवासी हैं।
विवाद प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन
मामले को लेकर सुसनेर के एसडीएम सर्वेश यादव ने कहा कि यह विवाद प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है और दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है।अब यह देखना बाकी है कि यदि प्रस्तुत जाति प्रमाण-पत्र अमान्य पाया गया, तो क्या सरपंच पद को शून्य घोषित किया जाएगा या नहीं — इस पर प्रशासन का निर्णय अहम होगा।
