Agar Malwa News: आगर मालवा जिले के सुसनेर में दो दिन पहले सर्पदंश से एक मासूम की मौत का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय सिविल अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को उजागर कर दिया है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को सामने लाया, बल्कि स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भी पैदा किया है।
अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
गुस्साए लोगों ने अस्पताल को ‘मरीज रैफर सेंटर’ का बोर्ड लगाकर अपना विरोध जताया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना के बाद सुसनेर में तनाव का माहौल है, और नगरवासियों ने सर्व समाज के बैनर तले नगर बंद का ऐलान किया है।
सांप के काटने से हुई बच्चे की मौत
घटना के अनुसार, दो दिन पहले एक बालक को सर्पदंश हुआ था। परिजन उसे तुरंत सुसनेर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू करने के बजाय बच्चे को रैफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर को यह नहीं मिला। डॉक्टरों की अनुपलब्धता और उपकरणों के अभाव के कारण बच्चे को उचित उपचार नहीं मिल सका, जिसके उसकी मौत हो गई। यह अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं का जीता-जागता प्रमाण बन गई।
Agar Malwa News: अस्पताल में नहीं है डॉक्टर
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सिविल अस्पताल परिसर में सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि सुसनेर का सिविल अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मरीजों को रैफर करने का अड्डा बन गया है। रोजाना दर्जनों मरीजों को बिना प्राथमिक उपचार के बड़े शहरों के अस्पतालों में भेज दिया जाता है, जिसके कारण कई मरीजों की जान चली जाती है।
लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं, न ही जरूरी दवाइयां और उपकरण। इस लापरवाही का खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
आक्रोशित नगरवासियों ने इस स्थिति के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सुसनेर नगर बंद का आव्हान किया है। उनकी मांग है कि अस्पताल में तत्काल डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए, जरूरी दवाइयां और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, और इस घटना के लिए जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
ठोस कदम उठाने की जरूरत
यह घटना न केवल सुसनेर, बल्कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को दर्शाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन को चाहिए कि वह लोगों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्वरित कार्रवाई करे।
धीरप हाड़ा की रिपोर्ट
