Agar Malwa Minor Girl Missing: सरकार भले ही महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने इन दावों की पोल खोल दी है। जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर, जो महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है, से एक नाबालिग लड़की रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद, पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस घटना ने सेंटर के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना 10 मई 2025 की रात की है, जब यह नाबालिग लड़की वन स्टॉप सेंटर से फरार हो गई। हैरानी की बात यह है कि लड़की ने भागने से पहले सेंटर की मैनेजर को ही कमरे में बंद कर दिया। जानकारी के अनुसार, इस लड़की को 8 मई को सुसनेर थाने में दर्ज गुमशुदगी के एक मामले के तहत सेंटर में शरण दी गई थी। लेकिन मात्र दो दिन बाद उसका इस तरह भाग जाना सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को उजागर करता है। सेंटर में 11 कर्मचारियों का स्टाफ होने के बावजूद, उस रात कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। आखिर पूरा स्टाफ छुट्टी पर कैसे चला गया? क्या यह महज एक चूक थी, या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है?
सेंटर प्रबंधन की लापरवाही उजागर
वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक भावना बड़ोदिया और महिला बाल विकास की डीपीओ रत्ना शर्मा ने इस मामले पर अपनी सफाई दी है, लेकिन उनकी बातें सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही हैं। सेंटर प्रबंधन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन सवाल यह है कि जिस संस्थान का उद्देश्य महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वहां इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या सेंटर के भीतर से किसी ने लड़की की मदद की? सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों थी? और सबसे बड़ा सवाल, यह नाबालिग लड़की अब कहां है?
Agar Malwa Minor Girl Missing: पुलिस जांच में जुटी
आगर मालवा के सीएसपी मोतीलाल कुशवाह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। लेकिन इस घटना ने न केवल सेंटर की कार्यप्रणाली, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिस वन स्टॉप सेंटर को बेटियों की सुरक्षा का गढ़ माना जाता है, वहां ऐसी लापरवाही कैसे बर्दाश्त की जा सकती है? यह घटना उन तमाम परिवारों के लिए चिंता का विषय है, जो अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकारी तंत्र पर भरोसा करते हैं।
