100 साल बाद धनतेरस पर 5 महासंयोग, जानिए पूजा-खरीद के शुभ मुहूर्त और धन वृद्धि के उपाय
पंचांग के अनुसार तेरहवीं तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर 30 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में तिथि सूर्योदय से ही गिनी जाती है लेकिन दिवाली रात के समय मनाई जाती है।
इस साल त्रिपुष्कर योग में महालक्ष्मी का पंचपर्व दीपोत्सव शुरू होगा। 5 दिवसीय दीपोत्सव धनतेरस से शुरू होकर भाईबीज तक चलेगा। पहला त्योहार वाडा तेरस के 100वें महीने में धनाधिक्ष कुबेर की पूजा के साथ शुरू होगा और मृत्यु के देवता यमराज के लिए दीपदान तक जारी रहेगा। इस साल धनतेरस का त्योहार 29 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा।
29 अक्टूबर को धनतेरस के दिन तिथि के अनुसार और तारा की युति से त्रिपुष्कर नाम का शुभ योग बन रहा है। इस शुभ योग में किया गया निवेश तीन गुना लाभ दे सकता है। त्रिपुष्कर योग के दौरान खरीदारी करना भी तीन गुना शुभ और लाभकारी माना जाता है। इस दिन व्यापार और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करनी चाहिए। जो लोग 30 तारीख को खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए सर्वार्थ सिद्धि योग के दौरान दूसरे दिन खरीदारी करना भी शुभ रहेगा।
पूरे दिन खरीदारी की जा सकती है
धनतेरस के दिन खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से व्यक्ति के जीवन में ढेर सारी खुशियां और समृद्धि आती है। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन आप खरीदारी की मात्रा 13 गुना बढ़ जाती है। शुभ मुहूर्त देखकर पूजा की जाए तो घर में धन की प्राप्ति हो सकती है। घर में समृद्धि बनाए रखने के लिए इस दिन चांदी के सिक्के, गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदना शुभ होता है। इसके अलावा सोने-चांदी समेत बर्तन, पीतल, स्टील भी खरीदे जा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग होगा।
धनतेरस के दिन पूजा करने का सबसे अच्छा समय भगवान धनवंतरी और कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन शाम के समय पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी जरूरी होती है। फिर धनतेरस पूजन में विशेष फल प्राप्त करने के लिए प्रदोष काल और वृषभ लग्न में शाम 6.18 बजे से 8.11 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
