हेलीकॉप्टर में बैठकर मंदिर का हवाई नजारा देख सकते हैं
अगर आप अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम के मंदिर का हवाई नजारा देखना चाहते थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में नहीं देख पाए तो आपके लिए यह अच्छी खबर है। दरअसल, यूपी सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर के हवाई दर्शन करने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार हेलीकॉप्टर से दर्शन की योजना भी शुरू करने जा रही है। ऐसे में जल्द ही आप हेलीकॉप्टर में कुछ पैसे देकर राम मंदिर के दर्शन कर सकेंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जल्द ही इस योजना को लॉन्च कर सकते हैं।
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर से अब तक तय किराया 4130 रुपये प्रति व्यक्ति है। यानी अगर कोई श्रद्धालु इस मंदिर के हवाई दर्शन करना चाहता है तो उसे यूपी सरकार को 4130 रुपये देने होंगे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि इस रकम का भुगतान करने के बाद आपको हेलीकॉप्टर से कितनी देर तक ले जाया जाएगा।
अयोध्या में राम मंदिर जून 2025 तक पूरी तरह से तैयार नहीं होगा, इसके बजाय इसमें अतिरिक्त तीन महीने लगेंगे और सितंबर 2025 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में श्री रामलला की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर की चारदीवारी में 8.5 लाख घन फुट लाल बंसी पहाड़पुर पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा और ये पत्थर अयोध्या पहुंच गए हैं, लेकिन 200 श्रमिकों की कमी है, जिसके कारण निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। इसमें विलंब हो रहा है। मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अब सितंबर 2025 तक पूरा होगा न कि जून 2025 में।
उन्होंने यह भी कहा कि पहली मंजिल पर कुछ पत्थर कमजोर और पतले दिखाई दे रहे हैं और उनकी जगह मकराना पत्थर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यूपी सरकार राम मंदिर दर्शन की तर्ज पर प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के आयोजन की योजना बना रही है। हालांकि, अभी तक इस पर सरकार की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है लेकिन कहा जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में घोषणा की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो कुंभ में स्नान करने वाले श्रद्धालु महाकुंभ के हवाई दर्शन भी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें कितना पैसा खर्च करना होगा यह अभी तय होना बाकी है। यह योजना अभी शुरुआती चरण में है लेकिन जल्द ही इस दिशा में घोषणा की जा सकती है।
