क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपने परिवार के साथ महेश्वर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार सुबह उन्होंने महेश्वर की विश्व प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों की बुनाई को करीब से देखा और इसकी पारंपरिक तकनीक को समझा।सचिन ने बुनकरों से मुलाकात कर उनकी मेहनत और हुनर की सराहना करते हुए कहा,
“यह कला वाकई काबिल-ए-तारीफ है। इन बुनकरों की लगन और समर्पण से महेश्वर की यह विरासत आज भी जीवंत है।”
दौरा केवल निजी यात्रा
सचिन का यह दौरा न केवल एक निजी यात्रा है, बल्कि यह महेश्वर की सांस्कृतिक और हस्तकला विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दे रहा है। रविवार को सचिन ने नर्मदा नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक किले और देवी अहिल्याबाई की राजगादी का भ्रमण किया था। जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक माथा टेका और दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने किला परिसर में स्थित प्राचीन मां अहिल्येश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की।
नर्मदा में किया नौका विहार
उन्होंने नर्मदा नदी में नौका विहार भी किया और प्रशंसकों से मिले, जिन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने किले के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करते हुए वहां की समृद्ध विरासत को करीब से देखा।सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
सचिन को देख उत्साहित लोग
सचिन के दौरे से स्थानीय पर्यटन में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उनका यह कदम यह दर्शाता है कि वे न केवल खेल के प्रति, बल्कि देश की समृद्ध कला और संस्कृति के प्रति भी गहरी रुचि रखते हैं। उनके इस दौरे से महेश्वरी साड़ी उद्योग से जुड़े बुनकरों को भी प्रोत्साहन मिला है। सचिन आज शाम महेश्वर से रवाना होंगे।
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