ग्वालियर निवेश सम्मेलन: ग्वालियर का मेला ग्राउंड आज सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक भविष्य का गवाह बन रहा है। गुरुवार को यहां ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट- निवेश से रोजगार’ का आयोजन किया गया है, जिसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक साथ मंच साझा करेंगे।
यह समिट केवल भाषणों तक सीमित नहीं है। मंच से निवेश, उद्योग और रोजगार से जुड़े ऐसे फैसले होंगे, जिनका असर आने वाले वर्षों तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा।
ग्वालियर निवेश सम्मेलन: अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विकास का संदेश
यह आयोजन भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर रखा गया है। आयोजन का संदेश साफ है-मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना।राज्य सरकार का मानना है कि निवेश तभी मायने रखता है, जब उसका सीधा लाभ ज़मीन पर दिखे। इसी सोच के साथ इस ग्रोथ समिट को आकार दिया गया है।
ग्वालियर निवेश सम्मेलन: मंच से होंगे ऐतिहासिक ऐलान
2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे
10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत करेंगे
निवेश प्रस्तावों के लिए बड़े स्तर पर भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे
देश के बड़े उद्योगपति ग्वालियर में
ग्रोथ समिट में देश के कई प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह शामिल हो रहे हैं। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, जेके टायर, टोरेंट पावर, डाबर इंडिया, भारत पेट्रोलियम, वर्धमान समूह, ग्रीनको और जुपिटर वैगन्स जैसे नाम प्रमुख हैं।इन कंपनियों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों की प्राथमिक सूची में तेजी से ऊपर आ रहा है।
मंत्रिमंडल की पूरी टीम रहेगी मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के साथ-साथ ऊर्जा, कृषि, एमएसएमई, जल संसाधन, खेल और नवीन ऊर्जा विभाग के मंत्री भी मौजूद रहेंगे। निवेशकों को सीधे नीति-निर्माताओं से संवाद का मौका मिलेगा, जिससे फैसले और ज़मीन के बीच की दूरी कम होगी।
CRPF ने संभाली कमान
सीआरपीएफ कमांडो की तैनाती
सभी प्रमुख मार्गों का निरीक्षण
फाइनल कारकेड रिहर्सल
गृहमंत्री की मौजूदगी तक पूरा क्षेत्र नो-फ्लाइंग जोन घोषित
