Aamir Meet President Murmu: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर और प्रोड्यूसर आमिर खान ने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस खास मुलाकात के दौरान आमिर खान ने अपनी हालिया फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ की स्पेशल स्क्रीनिंग भी आयोजित की। इस मुलाकात की तस्वीरें राष्ट्रपति के ऑफिशियल सोशल मीडिया एक्स अकाउंट से शेयर की गईं, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहीं हैं।
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राष्ट्रपति भवन में ‘सितारे जमीन पर’ की स्पेशल स्क्रीनिंग
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ देखी। इस फिल्म में असली न्यूरोडायवर्जेंट कंडीशन्स से प्रभावित लोगों को दिखाया गया है। आमिर खान के साथ फिल्म की पूरी टीम भी इस अवसर पर मौजूद रही।

यह फिल्म साल 2007 में आई सुपरहिट फिल्म ‘तारे जमीन पर’ की सीक्वल है। और इस फिल्म में 10 नए कलाकार हैं जो खुद दिव्यांग हैं। फिल्म में आमिर खान और जेनेलिया देशमुख लीड रोल में हैं। यह फिल्म स्पैनिश फिल्म ‘कैम्पियोन्स’ की आधिकारिक रीमेक है।

राष्ट्रपति के एक्स से पोस्ट की गईं तस्वीरें…
प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर इस खास मुलाकात और स्पेशल स्क्रीनिंग की तस्वीरें साझा की गई हैं। पोस्ट में लिखा कि – “प्रसिद्ध फिल्ममेकर और अभिनेता आमिर खान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में भेंट की है।”
Acclaimed filmmaker and actor Shri Aamir Khan called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/Jx6QV7OFYj
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 24, 2025
दूसरी पोस्ट में लिखा कि-
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ देखी। इस फिल्म में असल में न्यूरोडायवर्जेंट कंडीशन्स से पीड़ित लोगों को दिखाया गया हैं, जो विविधता, समानता और समावेशन का प्रेरणादायक संदेश देती है। फिल्म के निर्माता और लीड एक्टर आमिर खान के साथ-साथ फिल्म की पूरी टीम भी मौजूद रही।
President Droupadi Murmu watched the film ‘Sitaare Zameen Par’ at the Rashtrapati Bhavan Cultural Centre. The film, featuring real people with neurodivergent conditions, weaves in the message of diversity, equity and inclusion. Shri Aamir Khan, the producer and lead actor of the… pic.twitter.com/r9PLYFHpGq
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 24, 2025
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शानदार कमाई..
रिपोर्ट के अनुसार, ‘सितारे जमीन पर’ ने वर्ल्डवाइड लगभग 110 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। फिल्म ने चार दिनों में ही भारत में लगभग 66.65 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह फिल्म देसी बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी।
फिल्म की कहानी…
गुलशन अरोड़ा (आमिर खान) एक जूनियर बास्केटबॉल कोच है — छोटा कद, लेकिन बड़ी हठ और आत्म-अहम से भरा हुआ। वह अपनी मां (डॉली अहलूवालिया) के साथ रहता है, और उसकी अपनी पत्नी (जेनेलिया डिसूज़ा) से अनबन चल रही है, जो कभी एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर आई थी लेकिन अब वह सपना अधूरा रह गया है।

जीवन की ठोकरें और एक सजा जो बदल देती है सबकुछ
गुलशन का पेशेवर जीवन भी पटरी से उतरा हुआ है। खेल संस्थान से निलंबन, बार-बार उसकी हाइट पर की जाने वाली छींटाकशी, और खुद से लगातार लड़ता उसका आत्मसम्मान। एक रात नशे की हालत में गाड़ी चलाने और सार्वजनिक झगड़े के बाद अदालत से उसे जेल नहीं, बल्कि कम्युनिटी सर्विस की सजा मिलती है।
इस सजा के तहत उसे डाउन सिंड्रोम से पीड़ित युवा-वयस्कों की एक फुटबॉल टीम को ट्रेन करना होता है — एक ऐसा काम जो न उसके कौशल के दायरे में है, न ही उसके दिल के करीब।
याद रह जाने वाले डॉयलाग…
“सबका अपना-अपना नॉर्मल होता है।”
यह एक सादा लेकिन गहरा वाक्य है – जो हमारे समाज की सोच को बदलने की ताकत रखता है। यह संवाद आज की दुनिया के लिए एक जरूरी संदेश है।
अभिनय: आमिर खान से लेकर न्यूरोडाइवर्जेंट कलाकारों तक
गुलशन के रूप में आमिर खान ने एक बार फिर साबित किया है कि वह सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि स्टोरीटेलर भी हैं। ‘तारे जमीन पर’ के आदर्शवादी शिक्षक से आगे बढ़ते हुए, इस बार वे एक खामियों से भरे और असहज किरदार में नजर आते हैं। उनकी एक्टिंग काफी नेचुरल लगती है, कई भी ओवर एक्टिंग नही लगती और उनका इमोशन और ईमानदारी साफ नजर आती है।

गुलशन की पत्नी की भूमिका में जेनेलिया डिसूजा ने बेहद सौम्य और रोशनी-सी भूमिका निभाई है। उनका किरदार गुलशन के जीवन में भावनात्मक संतुलन लाता है और फिल्म को एक मानवीय स्पर्श देता है।
असल सितारे: दस न्यूरोडाइवर्जेंट एक्टर्स..
फिल्म के असली हीरो वे दस न्यूरोडाइवर्जेंट कलाकार हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से दिल जीत लिया। इन कलाकारों का प्रदर्शन सच्चा और असरदार है। न कोई बनावट, न दिखावा – सिर्फ जीवन की सहज प्रस्तुति। इन कलाकारों के लिए स्टैंडिंग ओवेशन बनता है।
