Aalmi Tablighi Ijtema main day : भोपाल में 78वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आज सबसे खास और अहम दिन है। आज दुआ-ए-खास पढ़ी गई, जिसमें देश और विदेश से आए लाखों जायरीन एक साथ शामिल हुए। यह दुआ लाखों लोगों के लिए बरकत और रहमत का बड़ा माध्यम बनती है।
कड़ी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। लगभग 30,000 से ज्यादा वालंटियर और सुरक्षाकर्मी अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ तैनात रहे। यातायात नियंत्रण के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्ट और पार्किंग की व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि भीड़ में कोई अव्यवस्था न हो।
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आधुनिक तकनीक और व्यवस्थाएं
इस बार आयोजन में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन, जल रीसाइक्लिंग, जैविक कचरा निस्तारण और दिव्यांग व मूक-बधिर जायरीन के लिए लाइव सांकेतिक अनुवाद जैसी नई पहलें देखी गईं। आयोजन समिति के अनुसार, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए अनेक ग्राम पंचायतें भी सक्रियता से सहयोग कर रही हैं।
जायरीन की संख्या और योगदान
आज इज्तिमा के अंतिम और खास दिन में लगभग 12 लाख जायरीन के आने की संभावना जताई गई थी। इन जायरीन की सेवाओं और कदम-कदम पर व्यवस्था संभालने वाले वालंटियरों ने इस ऐतिहासिक मजहबी समागम को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। आयोजन के बाद देश-विदेश की जमातें दीन का संदेश लेकर अपने-अपने इलाकों की ओर रवाना होंगी।
भोपाल में आलमी तब्लीगी इज्तिमा के इस सबसे अहम दिन ने एकता और शांति का संदेश दिया। दुआ-ए-खास के ऐतिहासिक मौके पर लाखों लोगों की भागीदारी और बेहतरीन व्यवस्थाओं ने साबित किया कि धार्मिक और सामुदायिक आयोजनों की सफलता समर्पण, तकनीक और सामाजिक सहयोग से ही संभव है।
