israeli strikes gaza hindi news : इस्राइल के हमलों में गाजा में स्कूल-turned-शेल्टर में 36 मारे गए!
israeli strikes gaza hindi news : गाजा, इस्राइल के ताजे हवाई हमलों ने गाजा के एक स्कूल में शरण लिए कम से कम 52 लोगों की जान ले ली, जिसमें 36 लोग उस स्कूल में मारे गए जो एक शरणार्थी केंद्र बन चुका था। यह हमला उस वक्त हुआ जब लोग सो रहे थे, और उनके पास मौजूद सामान आग में जल गया। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह जानकारी मिली है।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि उसने यह हमला एक आतंकवादी ठिकाने को नष्ट करने के लिए किया था, जो स्कूल के भीतर था। इस हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें एक परिवार के पांच बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और सहायता एजेंसियों ने इस हमले को आम नागरिकों के खिलाफ किया गया हमला करार दिया है।
गाजा के भीतर मानवीय संकट बढ़ता जा रहा है
इस्राइल द्वारा गाजा पर किए गए हमलों के कारण, गाजा के करीब 90% लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। इन लोगों को बार-बार शरण स्थल बदलने को मजबूर किया गया है। स्थिति इतनी खराब है कि लोग किसी भी सुरक्षित स्थान की तलाश में दिन-रात भागते हैं। गाजा में खाद्य, दवाइयां और अन्य बुनियादी आवश्यकताएँ बहुत सीमित हो चुकी हैं।
मानवाधिकार संगठन लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि गाजा में अकाल जैसी स्थिति बन सकती है, क्योंकि लंबे समय तक खाद्य और दवाइयों की आपूर्ति रुक चुकी है। इज़राइल ने कुछ मानवीय सहायता के मार्ग खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन यह मदद गाजा की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
इस्राइल का उद्देश्य और उसके आलोचक
इज़राइल ने मार्च में फिर से अपने हमलों को तेज़ कर दिया था, और उसने अपनी सैन्य योजना में साफ कहा है कि वह गाजा को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। इस अभियान का उद्देश्य है कि हमास को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाए, और इज़राइल के 58 बंधकों को सुरक्षित रूप से वापस लाया जाए, जिनमें से कुछ का मानना है कि वे जीवित हैं।
हालांकि, इज़राइल की इस योजना को अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आलोचना की है। विशेष रूप से, संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य मानवाधिकार संगठन इस योजना के खिलाफ हैं, क्योंकि यह योजना लाखों गाजा निवासियों को विस्थापित करने की संभावना को बढ़ाती है।
गाजा में शरणार्थी संकट और युद्ध में मारे गए लोग
पिछले कुछ महीनों में इज़राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों और युद्ध की स्थिति में गाजा में हज़ारों नागरिकों की जानें जा चुकी हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 54,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं।
गाजा के अस्पतालों में घायलों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन चिकित्सा संसाधनों की कमी और भयानक हालात के कारण उपचार में भारी समस्याएं आ रही हैं। वहीं, युद्ध के कारण गाजा के पूरे इलाकों में ज़मीनी स्थितियाँ नष्ट हो चुकी हैं, जिससे वहां की आबादी को बुनियादी जीवन यापन में भी समस्याएँ हो रही हैं।
इस्राइल का नया गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन
इस्राइल ने एक नई सहायता योजना की शुरुआत की है, जिसे “गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन” के नाम से जाना जा रहा है। इस फाउंडेशन के तहत, इज़राइल द्वारा गाजा के नागरिकों को सहायता वितरित करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय सहायता समूहों ने इस योजना का विरोध किया है, क्योंकि वे मानते हैं कि यह योजना इज़राइल की सैन्य नियंत्रण के तहत लागू की जा रही है, जो कि मानवीय सहायता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
इस योजना के प्रमुख Jake Wood ने रविवार को अचानक इस्तीफा दे दिया, यह कहते हुए कि अब यह साफ हो गया है कि यह फाउंडेशन स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएगा। इसके बावजूद, इज़राइल ने इस योजना को लागू करने का फैसला किया है, और उसने पहले सप्ताह के भीतर गाजा के एक मिलियन नागरिकों तक सहायता पहुँचाने का दावा किया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भविष्य का रास्ता
इज़राइल और गाजा के बीच संघर्ष में दिन-ब-दिन वृद्धि हो रही है, और इससे पहले की तुलना में स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की बात की है, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जहां इज़राइल ने अपने सैन्य अभियान को पूरी ताकत से जारी रखने का संकल्प लिया है, वहीं गाजा में लोगों का जीवन बर्बाद हो चुका है। नागरिकों की बड़ी संख्या में मौतें, विस्थापन, और बुनियादी सेवाओं की भारी कमी, गाजा में एक गंभीर मानवीय संकट को जन्म दे रही है।
गाजा की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है, और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जहां एक ओर इज़राइल अपनी सैन्य रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों के लिए जीवन बचाना, उनके लिए चिकित्सा और मानवीय सहायता उपलब्ध कराना और शांति की ओर कदम बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। युद्ध और हिंसा के इस दौर में, विश्व समुदाय की जिम्मेदारी और भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके और लाखों निर्दोष जानें बचाई जा सकें।
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