71 Naxalites Surrender Dantewada 2025 : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में बड़ी सफलता मिली है, जहां 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस आत्मसमर्पण के तहत नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इनमें 30 नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह घटना नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
लोन वर्राटू अभियान (घर वापस आइए)
सरेंडर करने वाले 71 नक्सलियों में 50 पुरुष और 21 महिलाएं हैं। ये सभी लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान का हिस्सा हैं, जो नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लौटाने का प्रयास करता है। दंतेवाड़ा पुलिस ने इस सफलता को बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और पुनर्वास योजनाओं के कारण ही इतने नक्सली हिंसा छोड़ने को तैयार हुए हैं।
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इनामी नक्सलियों की मौजूदगी ने बढ़ाई अहमियत
इन 71 में से 30 नक्सली प्रमुख और इनामी हैं, जिन पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनमें कई नक्सली कमांडर और ऐसे भी हैं जिनके ऊपर विभिन्न थानों में गंभीर मामले दर्ज हैं। इस आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन को झटका लगा है और सुरक्षाबलों के हौसले भी बढ़े हैं।
71 Naxalites Surrender Dantewada 2025 : पुनर्वास कार्यक्रम
सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत यह नक्सली समाज में वापस शामिल हो सकेंगे। उन्हें नौकरी, आर्थिक सहायता और शिक्षा के अवसर दिए जाएंगे जिससे वह हिंसा की ओर फिर नही लौटें। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि सभी आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी और उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
2026 तक लाल आतंक का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करेंगे जिसको लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है नक्सल अभियान के तहत पुलिस ने कई नक्सलियों को मौत के घाट उतारा है लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है
दंतेवाड़ा में 71 नक्सलियों का आत्मसमर्पण माओवाद के खिलाफ बड़े संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह न केवल क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार लाएगा बल्कि विकास और सौहार्द के नए रास्ते भी खोलेगा।
